दिल्ली हाई कोर्ट ने कनाडा को दोषी के भारतीय बैंक खातों से 65.9 करोड़ रुपये वसूलने की अनुमति दी

नई दिल्ली, 25 जून (पीटीआई) — दिल्ली हाई कोर्ट ने दो निजी बैंकों (इंडसइंड बैंक और आरबीएल बैंक) को आदेश दिया है कि वे धोखाधड़ी मामले में दोषी संजय मदान के खातों से 65.9 करोड़ रुपये कनाडा सरकार के खाते में ट्रांसफर करें। संजय मदान भारतीय मूल के पूर्व कनाडाई नौकरशाह हैं, जिन्हें कनाडा की अदालतों में चल रहे गबन मामले में दोषी ठहराया गया है।

न्यायमूर्ति मनमीत पी.एस. अरोड़ा ने यह आदेश तब पारित किया जब मदान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत को सूचित किया कि उन्हें इंडसइंड बैंक और आरबीएल बैंक में उनके और उनके सहयोगियों के नाम पर पड़े पैसे कनाडा सरकार को भेजने पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते नियमानुसार प्रक्रियाएँ पूरी की जाएँ।

मदान के वकील ने बताया कि इंडसइंड बैंक में 38.3 करोड़ और आरबीएल बैंक में 29 करोड़ रुपये जमा हैं।

अदालत ने निर्देश दिया कि दोनों बैंक दो सप्ताह के भीतर केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी करने में मदान का सहयोग करें, क्योंकि खाते निष्क्रिय स्थिति में थे।

केवाईसी पूरी होने के बाद, दोनों बैंक मिलकर 65.9 करोड़ रुपये कनाडा सरकार के खाते में ट्रांसफर करेंगे।

कनाडा सरकार ने सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 84 के तहत यह मुकदमा दायर किया था, जो विदेशी सरकार को भारत सरकार की अनुमति से भारतीय अदालतों में मुकदमा दायर करने की अनुमति देता है।

यह मामला कनाडा में चल रहे 290 करोड़ रुपये (करीब 47.4 मिलियन कनाडाई डॉलर) के गबन घोटाले से जुड़ा है, जिसमें मदान ने 2011 से 2020 के बीच सरकारी फंड का दुरुपयोग किया था।

मदान को अप्रैल 2023 में धोखाधड़ी, विश्वासघात और मनी लॉन्ड्रिंग के कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद 10 साल की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने समझौते के तहत कुल गबन की गई राशि लौटाने पर सहमति जताई थी, जिसमें 30 मिलियन कनाडाई डॉलर तुरंत और शेष 15 वर्षों में लौटाने का वादा किया गया था।

अदालत ने मदान और उनके सहयोगी को भारतीय खातों से कोई अन्य लेनदेन करने से रोक दिया है, केवल 65.9 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने और वैध कानूनी फीस चुकाने की सीमित अनुमति दी है।

साथ ही, यस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, पीएनबी, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक आदि को छह सप्ताह के भीतर खातों की जानकारी और ट्रांजैक्शन डिटेल्स अदालत में दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।

मदान और एक अन्य आरोपी को भारत में अपनी सभी संपत्तियों का पूरा खुलास