मजदूरों के मामलों की वर्चुअल सुनवाई के लिए सिस्टम बनाना जरूरी: कपिल मिश्रा

नई दिल्ली, 25 जून (पीटीआई) — दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने बुधवार को सुझाव दिया कि श्रम विभाग को मजदूरों के मामलों की वर्चुअल सुनवाई के लिए एक सिस्टम लागू करना चाहिए, ताकि मजदूरों को भौगोलिक सीमाओं के कारण परेशानी न हो।

मंत्री ने जिला स्तर पर श्रम आयुक्त, संयुक्त आयुक्त और उप आयुक्तों के साथ बैठक की, जिसका उद्देश्य श्रम विभाग के कार्यों को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना था।

बैठक में मिश्रा ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी को मजबूत बनाना आज के प्रशासनिक दौर की आवश्यकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि विभाग में जल्द से जल्द वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि श्रमिक बिना किसी भौगोलिक बाधा के अपने मामलों की सुनवाई में भाग ले सकें। उन्होंने यह भी जोर दिया कि श्रम विभाग की मुख्य जिम्मेदारी श्रमिकों के हितों की रक्षा करना है।

मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर किसी भी श्रमिक के साथ अन्याय न हो।

उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। एक भी श्रमिक के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये श्रमिक ही देश की नींव हैं, असली निर्माता हैं। उनके अधिकारों की रक्षा करना हमारी पहली जिम्मेदारी है।”

बैठक में यह भी तय किया गया कि श्रम विभाग के पोर्टल पर सभी मामलों, संबंधित आदेशों और विभागीय निर्णयों की पूरी सूची प्रकाशित की जाएगी।