कोच्चि, 27 जून (पीटीआई) केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को सेंसर बोर्ड से पूछा कि ‘जानकी’ नाम में क्या गलत है और उसे सुरेश गोपी अभिनीत फिल्म ‘जानकी बनाम केरल राज्य’ (जेएसके) के संबंध में अपनी पुनरीक्षण समिति के निर्णय को 30 जून को लिखित रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति एन नागेश द्वारा मौखिक अवलोकन और निर्देश फिल्म की निर्माण कंपनी कॉसमॉस एंटरटेनमेंट द्वारा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा फिल्म के प्रमाणन में देरी के खिलाफ दायर याचिका पर आया। याचिका की सुनवाई के दौरान, अदालत ने सीबीएफसी के वकील से पूछा कि अब ‘जानकी’ नाम को लेकर क्या समस्या है, जबकि अतीत में इस नाम से फिल्में बनने पर ऐसी कोई समस्या नहीं थी। अदालत ने फिल्म के निर्माताओं से यह भी पूछा कि उन्होंने बोर्ड द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब अपनी पुनरीक्षण समिति के निर्णय के अनुसार क्यों नहीं दिया। इसने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जून की तारीख तय की। सूत्रों के अनुसार, सीबीएफसी की संशोधन समिति ने मौखिक रूप से जेएसके के निर्माताओं को मुख्य पात्र का नाम बदलने का निर्देश दिया था, क्योंकि जानकी देवी सीता का दूसरा नाम है। पीटीआई सीओआर एचएमपी एडीबी
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