नई दिल्ली, 29 जून (पीटीआई) — दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल के 24 वर्षीय युवक मलय दास को केवाईसी अपडेट के नाम पर वरिष्ठ नागरिकों को ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने रविवार को बताया कि मलय दास 2021 में दिल्ली में दर्ज एक ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में वांछित था, जिसमें 1.5 लाख रुपये से अधिक की ठगी हुई थी। वह लगभग चार वर्षों से गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था।
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया, “2021 में एक महिला ने नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके दादा को एक मैसेज मिला था, जिसमें कहा गया था कि अगर उनका ई-केवाईसी अपडेट नहीं किया गया तो उनका सिम ब्लॉक कर दिया जाएगा।”
वरिष्ठ नागरिक ने जब एसएमएस में दिए गए नंबर पर कॉल किया, तो उसे एक लिंक भेजा गया, जिससे उनके फोन में एक एप्लिकेशन इंस्टॉल हो गया। इस एप से ठगों को ओटीपी समेत सभी जानकारी मिल गई और उनके खाते से 1.5 लाख रुपये निकाल लिए गए।
किशनगढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसे अक्टूबर 2024 में साइबर पुलिस स्टेशन ट्रांसफर कर दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने पैसे की ट्रेल को ट्रैक किया और पाया कि ठगे गए पैसे में से 1 लाख रुपये दो डमी खातों के जरिए ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट पर भेजे गए और बाद में मलय दास के बैंक खाते में रिडीम किए गए। इसके बाद एटीएम से पैसे निकाले गए। कई बार पश्चिम बंगाल में उसके पते पर छापेमारी के बावजूद वह फरार रहा।
गिरफ्तारी के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किए गए और ताजा छापेमारी में उसे पश्चिम मेदिनीपुर के केशियारी इलाके से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में दास ने बताया कि वह कोलकाता में दर्ज एक अन्य ठगी के मामले में भी शामिल था और 2022 में वहां न्यायिक हिरासत में रह चुका है।
आरोपी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के दो साल बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और अपने बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए करता था। उसके खाते से कुल 27 लाख रुपये ट्रांजिट हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, दास और उसके साथी तूफान ने मनी ट्रेल को तोड़ने के लिए ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पैसे घुमाने की रणनीति अपनाई थी। पुलिस सह-आरोपी की तलाश कर रही है।

