नई दिल्ली, 30 जून 2025: Times Now Doctors’ Day Conclave के 8वें संस्करण का आयोजन 28 जून को नई दिल्ली के अंदाज होटल में हुआ, जिसमें भारत की स्वास्थ्य सेवा में परिवर्तन की यात्रा पर विशेष ध्यान केंद्रित रहा। मुख्य अतिथि, भारत सरकार की केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया सिंह पटेल ने सरकार का Vision 2047 साझा किया, जिसका उद्देश्य एक स्वस्थ, समावेशी और तकनीक-आधारित हेल्थकेयर सिस्टम बनाना है।
उन्होंने घोषणा की कि सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च को 29% से बढ़ाकर 48% किया है, आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च को 63% से घटाकर 39% किया है, और पिछले 11 वर्षों में 157 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में 1,77,000 आयुष्मान आरोग्य मंदिर 12 आवश्यक सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना, अमृत फार्मेसी, मुफ्त दवाएं और जांच, और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम जैसी प्रमुख योजनाएं देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और किफायतीपन बढ़ा रही हैं। “हम 2047 की ओर देखते हुए एक मजबूत, समावेशी और तकनीक-आधारित स्वास्थ्य प्रणाली बनाने का सपना देख रहे हैं। सार्वजनिक निवेश और महत्वाकांक्षी पहलों के जरिए हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी नागरिक पीछे न छूटे। ये कदम एक स्वस्थ, सशक्त भारत का रास्ता बना रहे हैं,” अनुप्रिया पटेल ने कहा।
इस कॉन्क्लेव में पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी सरकार की स्वास्थ्य बजट बढ़ाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। श्री कटारिया ने कहा, “पहले भारत का मेडिकल बजट 33,000 करोड़ था, जो अब 99,000 करोड़ हो गया है। 55 करोड़ से अधिक लोग आयुष्मान योजना जैसी पहलों से लाभान्वित हो रहे हैं, जो सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की प्रतिबद्धता दर्शाता है।” डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “भारत आज संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों की दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। हमने 10,000 से अधिक भारतीय जीनोम सीक्वेंस किए हैं, स्वदेशी डीएनए कोविड वैक्सीन और एचपीवी वैक्सीन विकसित की है, और हीमोफीलिया के लिए जीन थेरेपी ट्रायल में सफलता पाई है। सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए शुरुआती पहचान, रोकथाम, टेलीमेडिसिन, एआई और सार्वजनिक-निजी भागीदारी महत्वपूर्ण हैं।”
त्रिपुरा के राज्यपाल श्री इंद्रसेना रेड्डी नल्लू ने कहा, “डॉक्टर हमारे स्वास्थ्य तंत्र के अनसुने नायक हैं। महामारी के दौरान डॉक्टरों की प्रतिबद्धता और साहस ने पूरे देश को प्रेरित किया। डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास ही स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति की धड़कन है। पारदर्शिता इस रिश्ते को और मजबूत बनाती है। भारत न केवल अपने नागरिकों की सेवा कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार है।”
“ब्लूप्रिंट 2047: विकसित भारत हेल्थ मंडेट” सत्र में आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री सत्य कुमार यादव ने राज्य के स्वास्थ्य रोडमैप को साझा किया। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य ही संपत्ति है। जीवन प्रत्याशा में 1% की वृद्धि से जीडीपी में बड़ा इजाफा होता है। सुरक्षित पेयजल से हर साल 4 लाख जानें बचेंगी और उत्पादकता बढ़ने से 8.6 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। विकसित भारत के लिए कुशल, किफायती और सुलभ स्वास्थ्य प्रणाली जरूरी है।”
महिला स्वास्थ्य पर सत्र “इन कन्वर्सेशन: वीमेन, वेलनेस एंड द पावर ऑफ वॉयस” में पूर्व सांसद और अभिनेत्री जया प्रदा ने ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का स्वास्थ्य सबसे कम प्राथमिकता पर रहता है। महिलाओं को अपनी सेहत को प्राथमिकता देने का अधिकार मिलना चाहिए, तभी वे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनेंगी।”
Times Now Doctors’ Day Conclave 2025 का समापन इस आह्वान के साथ हुआ कि सहयोग, नवाचार और करुणा के साथ भविष्य के लिए तैयार, न्यायसंगत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का निर्माण किया जाए। Vision 2047 के लक्ष्यों की ओर बढ़ते हुए, नीति निर्माताओं, चिकित्सा पेशेवरों और उद्योग जगत की सामूहिक प्रतिबद्धता ने हर नागरिक के लिए सुलभ, किफायती और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।
(डिस्क्लेमर: उपरोक्त प्रेस विज्ञप्ति NRDPL के साथ एक व्यवस्था के तहत आई है और पीटीआई इसकी संपादकीय जिम्मेदारी नहीं लेता।)

