नई दिल्ली, 30 जून (पीटीआई) — दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा ने कहा है कि वे अपने कोच जान जेलेज़नी की सलाह पर “धीरे-धीरे फ्लो का कॉन्सेप्ट समझ रहे हैं”। जेलेज़नी ने नीरज से कहा था कि भाला फेंकने से पहले उन्हें बिना किसी तनाव के 18 साल के युवा की तरह दौड़ना चाहिए।
नीरज ने Star Sports और JioHotstar से बातचीत में बताया, “जब भी मैं थ्रो करता हूं, मैं बहुत एनर्जेटिक रहता हूं, लेकिन जेलेज़नी कहते हैं कि मुझे फ्लो में दौड़ना चाहिए। शरीर में टाइटनेस नहीं होनी चाहिए—जैसे 18 साल का लड़का बिना किसी टेंशन के दौड़ता है। मैं अब धीरे-धीरे फ्लो का कॉन्सेप्ट समझ रहा हूं।” उन्होंने कहा कि किसी भी खेल में फ्लो बहुत जरूरी है, जैसे रोजर फेडरर—उनका खेलना हमेशा सहज और लय में लगता था, मानो ज्यादा मेहनत ही नहीं कर रहे हों। नीरज ने कहा, “मैं भी यही अपने ट्रेनिंग में लाने की कोशिश कर रहा हूं।”
जब उनसे पूछा गया कि वे किस क्रिकेटर की ‘सुपरपावर’ पाना चाहेंगे, तो नीरज ने कहा, “सचिन तेंदुलकर। उन्होंने हमारे देश का इतने सालों तक प्रतिनिधित्व किया और कई रिकॉर्ड बनाए। जिस तरह उन्होंने दिग्गज गेंदबाजों का सामना करते हुए भी शानदार प्रदर्शन किया, वैसी मानसिक शक्ति चाहिए। मैं भी वही सुपरपावर चाहूंगा, ताकि चुनौतियों का सामना शांत दिमाग से कर सकूं।”
नीरज ने एमएस धोनी के ‘हेलिकॉप्टर शॉट’ की तुलना भाला फेंकने से की—शक्ति और तकनीक के लिहाज से।
उन्होंने कहा कि उन्होंने सुना है कि ब्रेट ली कभी भाला फेंकते थे, और अपने पीक पर वे इसे अच्छी तरह फेंक सकते थे। नीरज ने जसप्रीत बुमराह के साथ भी भाला ट्राय करने की इच्छा जताई और कहा कि वे बुमराह से कुछ बॉलिंग स्किल्स सीखना चाहेंगे।
नीरज ने बताया कि वे प्रतियोगिता के दिन कोई अंधविश्वास नहीं रखते, बस शांत रहते हैं, अच्छा खाना खाते हैं और पूरा आराम करते हैं।
16 मई को दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर फेंककर नीरज ने दूसरा स्थान हासिल किया था, फिर पेरिस डीएल में 88.16 मीटर और 24 जून को गोल्डन स्पाइक ओस्ट्रावा में 85.29 मीटर के थ्रो के साथ खिताब जीता।

