
शिमला, 30 जून (पीटीआई): हिमाचल प्रदेश के राजस्व, बागवानी और जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार को मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों के उपायुक्तों को डैम सेफ्टी एक्ट और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनकार्य विभाग, जल शक्ति, बिजली बोर्ड, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राजस्व और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मानसून की तैयारियों की समीक्षा हेतु आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि चूंकि बड़े बांध मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में स्थित हैं, इसलिए संबंधित उपायुक्तों को इन जलाशयों पर करीबी नजर रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा नियमों का कोई भी उल्लंघन डैम सेफ्टी एक्ट और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सख्ती से निपटाया जाना चाहिए, यह जानकारी यहां जारी एक बयान में दी गई।
मंत्री ने पर्यटकों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और नदियों व नालों के पास न जाने की अपील की। पूरे पहाड़ी राज्य में उपमंडलाधिकारियों (SDMs) को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नेगी ने वर्तमान स्थिति और जिला स्तर पर की गई तैयारियों की समीक्षा की और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान बताया गया कि कांगड़ा और मंडी जिलों से भारी वर्षा की सूचना है और मशीनरी के साथ पूर्ण तैयारी की गई है।
राज्य भर में वर्षा और भूस्खलन से प्रभावित 234 सड़कों को बहाल किया जा रहा है और उम्मीद है कि सोमवार शाम तक उन्हें खोल दिया जाएगा। सभी राष्ट्रीय राजमार्ग वर्तमान में यातायात के लिए खुले हैं।
राजस्व मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड ने मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण 968 ट्रांसफार्मर प्रभावित होने की सूचना दी है और उन्हें बहाल करने का कार्य प्रगति पर है।
इसी तरह जल शक्ति विभाग के अंतर्गत 23 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं और उन्हें शीघ्र बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जनता को असुविधा न हो।
मंत्री ने कहा कि SDRF के लिए बजट प्रावधान पहले ही कर दिए गए हैं और उपकरणों की तैनाती के साथ पूरी तैयारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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