राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने ओडिशा सरकार और पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया; दो दलितों के पीटे जाने, घास खिलाने और नाली का पानी पिलाने की रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली, 2 जुलाई (पीटीआई) — राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बुधवार को ओडिशा के गंजाम जिले में दो अनुसूचित जाति के लोगों के कथित तौर पर पीटे जाने, उन्हें घास खाने और नाली का पानी पीने के लिए मजबूर किए जाने की खबरों के मद्देनजर ओडिशा सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए और उनके सिर भी जबरन मुंडवा दिए। आयोग ने कहा है कि यदि यह खबरें सत्य हैं तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के मामले हैं।

NHRC ने इस मामले को स्व-प्रेरित संज्ञान में लेते हुए ओडिशा के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

रिपोर्ट में आरोपियों के खिलाफ उठाए गए कदम और पीड़ितों को दिए गए मुआवजे की जानकारी शामिल होनी चाहिए।

पुलिस के अनुसार, पीड़ितों — बाबुला नायक और बुलु नायक — को अवैध मवेशी तस्करी के संदेह में स्थानीय लोगों ने पकड़कर बुरी तरह पीटा, उनके सिर मुंडवाए गए, घास खिलाई गई और नाली का पानी पिलाया गया। आरोपियों ने उनसे 30,000 रुपये की मांग भी की, जिसे ठुकराने पर उन्हें यातनाएं दी गईं।

पीड़ितों ने इस घटना की शिकायत धाराकोटे पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है। पुलिस ने अब तक नौ आरोपियों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच जारी है।

इस घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं और इस प्रकार के घटनाक्रम संविधान और समानता के खिलाफ हैं। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।