सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड में 25 साल की सजा काट रहे दोषी विकास यादव की अंतरिम जमानत अवधि चार सप्ताह और बढ़ा दी है। यह राहत उसकी बीमार मां की देखभाल के लिए दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि अब आगे मेडिकल आधार पर जमानत नहीं बढ़ाई जाएगी।
न्यायमूर्ति एम एम सुंद्रेश और के विनोद चंद्रन की पीठ ने 1 जुलाई को सुनवाई के दौरान कहा, “दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हम अंतरिम जमानत की अवधि चार सप्ताह और बढ़ाते हैं।” कोर्ट ने यह भी कहा कि पहले जो शर्त थी कि जमानत अवधि में विकास यादव को अपने गाजियाबाद स्थित घर में ही रहना होगा, उसमें ढील दी जाती है—अब वह अपनी मां के इलाज के लिए बाहर जा सकते हैं।
इससे पहले 24 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए अंतरिम जमानत दी थी, जिसे मई, जून और अब जुलाई में बढ़ाया गया है। जमानत की शर्तों में यह भी शामिल है कि वह नीलम कटारा (नीतीश कटारा की मां) समेत किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे और जमानत बांड के रूप में 1 लाख रुपये जमा करेंगे।
विकास यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री डी पी यादव का बेटा है। नीतीश कटारा की हत्या 16-17 फरवरी 2002 की रात को की गई थी, जिसमें विकास यादव, उसके चचेरे भाई विशाल यादव को 25-25 साल और सह-दोषी सुखदेव यादव को 20 साल की सजा सुनाई गई थी।
हत्या का कारण नीतीश कटारा और विकास की बहन भारती यादव के बीच कथित संबंध बताया गया था।

