नई दिल्ली, 4 जुलाई (पीटीआई):
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG 2025 के परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिका में एक प्रश्न में कथित त्रुटि का हवाला दिया गया था।
न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और आर महादेवन की पीठ ने कहा कि उसने दो दिन पहले इसी तरह की याचिका खारिज कर दी थी और वह व्यक्तिगत परीक्षाओं के मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
पीठ ने कहा, “हमने इसी तरह के मामले खारिज किए हैं। हम मानते हैं कि कई बार एक से अधिक सही उत्तर हो सकते हैं, लेकिन हम ऐसी परीक्षा में हस्तक्षेप नहीं कर सकते, जिसमें लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं। यह किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं है। इससे हजारों छात्रों पर असर पड़ेगा।”
शीर्ष अदालत एक ऐसे उम्मीदवार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कथित गलती सुधारने और परिणामों में संशोधन की मांग की गई थी।
याचिका में काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग की गई थी।
NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) देशभर में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाती है।

