नई दिल्ली, 4 जुलाई (पीटीआई) — दिल्ली सरकार दिल्ली फायर सर्विस (DFS) को निरीक्षण (inspection) और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने की जिम्मेदारियों से मुक्त करने की योजना बना रही है, ताकि वे अपनी मुख्य भूमिका—आग बुझाने—पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
30 जून को उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘मैक्सिमम गवर्नेंस–मिनिमम गवर्नमेंट’ योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए उच्च-स्तरीय बैठक हुई, जिसमें कई निर्देश जारी किए गए।
इन्हीं में से एक निर्देश दिल्ली फायर सर्विस का कार्यभार कम करने से संबंधित था। हाल ही में दिल्ली सरकार ने लाइसेंसिंग प्रक्रिया को आसान बनाते हुए स्विमिंग पूल, रेस्टोरेंट, होटल, मोटल, गेस्ट हाउस, डिस्कोथेक, वीडियो गेम पार्लर, मनोरंजन पार्क और ऑडिटोरियम को दिल्ली पुलिस से लाइसेंस की आवश्यकता से छूट दी है, ताकि पुलिस बल कानून-व्यवस्था पर अधिक ध्यान दे सके।
एक अधिकारी ने कहा, “इसी तरह, हम दिल्ली फायर सर्विस के लिए भी काम आसान करने की योजना बना रहे हैं—उनसे निरीक्षण और एनओसी जारी करने का काम हटाकर। निरीक्षण करना नगरपालिका का कार्य है। हम इस पर प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। निरीक्षणों में कोई गुणात्मक कार्य नहीं होता।”
सरकार यह भी देख रही है कि क्या किसी तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) को निरीक्षण और एनओसी जारी करने का काम सौंपा जा सकता है, या यह जिम्मेदारी दिल्ली नगर निगम (MCD) को दी जा सकती है। एक अधिकारी ने बताया, “यह भी विचार किया जा रहा है कि बड़े वाणिज्यिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सूचीबद्ध एजेंसियों के ऑडिट सर्टिफिकेट के आधार पर एनओसी लेने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।” छोटे प्रतिष्ठानों को थर्ड पार्टी ऑडिट का विकल्प दिया जा सकता है।
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