केंद्र ने वक्फ संपत्तियों के पोर्टल, डेटाबेस और ऑडिट पर नियमों को अधिसूचित किया

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image via PIB on June 6, 2025, Union Minister Kiren Rijiju launches the 'UMEED Portal' (Unified Waqf Management, Empowerment, Efficiency & Development Act, 1995), in New Delhi. (PIB via PTI Photo)(PTI06_06_2025_000285B)

केंद्र सरकार ने 4 जुलाई 2025 को “यूनिफाइड वक्फ़ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट रूल्स, 2025” (Unified Waqf Management, Empowerment, Efficiency and Development Rules, 2025) अधिसूचित किए हैं, जो वक्फ़ संपत्तियों के पोर्टल और डेटाबेस, उनके पंजीकरण, ऑडिट और खातों के रख-रखाव से जुड़े हैं।

मुख्य बिंदु:

  • डिजिटल पोर्टल और डेटाबेस:
    एक केंद्रीकृत डिजिटल पोर्टल और डेटाबेस स्थापित किया गया है, जिसमें वक्फ़ संपत्तियों का विवरण, नई वक्फ़ का पंजीकरण, खातों का रख-रखाव, ऑडिट रिपोर्ट, वक्फ़ बोर्ड के आदेश आदि अपलोड किए जाएंगे।
  • निगरानी और नियंत्रण:
    अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के वक्फ़ डिवीजन के संयुक्त सचिव इस पोर्टल और डेटाबेस की निगरानी और नियंत्रण के लिए जिम्मेदार होंगे।
  • हर वक्फ़ और संपत्ति को यूनिक आईडी:
    पोर्टल हर वक्फ़ और उससे जुड़ी संपत्तियों के लिए एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर अपने-आप बनाएगा, जिससे सभी राज्यों में संपत्तियों की ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग संभव होगी।
  • राज्य सरकार की जिम्मेदारी:
    प्रत्येक राज्य सरकार को संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा और एक सेंट्रलाइज्ड सपोर्ट यूनिट बनानी होगी, जो वक्फ़ और संपत्तियों का विवरण अपलोड करने, पंजीकरण, खातों का रख-रखाव, ऑडिट आदि गतिविधियों में सहायता करेगी।
  • मुतवल्ली का पंजीकरण:
    हर मुतवल्ली (वक्फ़ संपत्ति का प्रबंधक) को पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर और ईमेल के जरिए ओटीपी से पंजीकरण करना अनिवार्य है। इसके बाद वे अपनी वक्फ़ और संपत्ति का विवरण पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे।
  • सर्वे और सूची:
    राज्य सरकार को सर्वे के बाद वक्फ़ संपत्तियों की सूची प्रकाशित करनी होगी, जिसमें पहचान, सीमाएं, उपयोग, कब्जेदार, निर्माता का विवरण, उद्देश्य, वर्तमान मुतवल्ली आदि की जानकारी होगी। यह सूची 90 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करनी होगी; यदि देरी हो तो 90 दिन की अतिरिक्त अवधि के साथ कारण बताना होगा।
  • नए वक्फ़ का पंजीकरण:
    वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के लागू होने के बाद बनाए गए हर नए वक्फ़ को तीन महीने के भीतर पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा।
  • ऑडिट रिपोर्ट:
    वक्फ़ बोर्ड को ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसे पोर्टल पर प्रकाशित करना होगा।

इन नियमों का उद्देश्य वक्फ़ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल ट्रैकिंग सुनिश्चित करना है, जिससे समुदाय को अधिक लाभ मिल सके और भ्रष्टाचार व अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

श्रेणी: ताज़ा खबर

SEO टैग्स: #स्वदेशी, #समाचार, केंद्र ने वक्फ संपत्तियों के पोर्टल, डेटाबेस और ऑडिट पर नियमों को अधिसूचित किया