नई दिल्ली, 5 जुलाई (पीटीआई) — अमेरिका की अधिकारियों ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के छोटे भाई नेहल मोदी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई के प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
नेहल मोदी को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया और अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी सूचना भारत को दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी, जब नेहल जमानत की मांग कर सकते हैं, लेकिन अमेरिकी अभियोजक इसका विरोध करेंगे।
यह कार्रवाई ईडी और सीबीआई द्वारा संयुक्त रूप से दायर प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर की गई। प्रत्यर्पण की कार्यवाही अमेरिकी अभियोजकों द्वारा दो आरोपों पर शुरू की गई — एक मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 3) और दूसरा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 201 (सबूत नष्ट करना) के तहत आपराधिक साजिश।
46 वर्षीय नेहल मोदी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुए लगभग 13,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में आरोपी हैं। आरोप है कि यह धोखाधड़ी नीरव मोदी, उनके भाई नेहल मोदी और उनके चाचा मेहुल चोकसी ने मिलकर की थी।
नेहल मोदी, जो एंटवर्प, बेल्जियम में पले-बढ़े हैं और अंग्रेजी, गुजराती और हिंदी में निपुण हैं, भारत में अपने भाई नीरव मोदी की ओर से अपराध से अर्जित धन को ठिकाने लगाने के आरोप में वांछित हैं। नीरव मोदी इस समय लंदन की जेल में हैं और भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध पर मुकदमा झेल रहे हैं।
नेहल पर आरोप है कि उन्होंने शेल कंपनियों और विदेशी लेनदेन के जरिए अवैध धन को छुपाने और ट्रांसफर करने में मदद की। ईडी की चार्जशीट में नेहल मोदी का नाम सबूत नष्ट करने और नीरव मोदी की अवैध गतिविधियों में “जानबूझकर और इरादतन” मदद करने के आरोप में शामिल है।
ईडी का आरोप है कि पीएनबी घोटाले के सामने आने के बाद नेहल ने नीरव के करीबी सहयोगी मिहिर आर भंसाली के साथ मिलकर दुबई से 50 किलोग्राम सोना और बड़ी मात्रा में नकदी निकाली, और डमी डायरेक्टर्स को निर्देश दिया कि वे अधिकारियों के सामने उनका नाम न लें।
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