नई दिल्ली, 5 जुलाई (पीटीआई) — केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, केरल में निपाह वायरस के दो नए मामलों की पुष्टि के बाद सरकार नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम (NJORT) को राज्य में भेजने पर विचार कर रही है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों के क्रियान्वयन में राज्य सरकार की मदद की जा सके।
सूत्रों ने बताया कि इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP), एनसीडीसी की केंद्रीय निगरानी इकाई राज्य इकाई के लगातार संपर्क में है और स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रखे हुए है। विभिन्न नियंत्रण गतिविधियों के समन्वय के लिए राज्य कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है।
जनस्वास्थ्य प्रतिक्रिया केरल राज्य की निपाह वायरस रोग (NiVD) गाइडलाइंस के अनुसार निगरानी, निदान, उपचार, रोकथाम और नियंत्रण के लिए संचालित हो रही है।
एक सूत्र ने बताया, “हालांकि प्रारंभिक तौर पर दोनों मामले महामारी विज्ञान के लिहाज से आपस में जुड़े नहीं दिखते, लेकिन लक्षण शुरू होने के समय और किसी सामान्य सामाजिक कार्यक्रम से जुड़े होने की संभावना की जांच की जा रही है।”
अब तक तीन जिलों—पलक्कड़, मलप्पुरम और कोझिकोड—में 300 से अधिक संपर्कों की पहचान की गई है।
शुक्रवार को निपाह वायरस का एक नया मामला सामने आया, जिसमें पलक्कड़ के थाचनत्तुकारा की 38 वर्षीय महिला संक्रमित पाई गई। वह मलप्पुरम जिले के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रही हैं। इसके अलावा, मलप्पुरम जिले के चेट्टियारंगडी की 18 वर्षीय युवती की मौत का मामला भी निपाह से संबंधित पाया गया, जिसकी पुष्टि पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) ने की है।
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बताया कि निपाह संपर्क सूची में 345 लोग हैं, जिनमें मलप्पुरम में 211, पलक्कड़ में 91 और कोझिकोड में 43 लोग शामिल हैं।
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