नई दिल्ली, 5 जुलाई (पीटीआई) — केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर लगभग एक साल तक कोई निर्णय न लेने के बाद, एक वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए अपनी सहमति वापस ले ली है।
एडवोकेट श्वेताश्री मजूमदार का नाम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 21 अगस्त, 2024 को दो अन्य वकीलों — अजय दिगपाल और हरीश वैद्यनाथन शंकर — के साथ दिल्ली हाईकोर्ट के जज के रूप में नियुक्ति के लिए केंद्र को भेजा था।
जहां केंद्र ने दिगपाल और शंकर की नियुक्ति 6 जनवरी, 2025 को मंजूर कर दी, वहीं श्वेताश्री मजूमदार का नाम बिना कोई कारण बताए लंबित रखा गया।
श्वेताश्री मजूमदार फिडस लॉ चैंबर्स की मैनेजिंग पार्टनर हैं, जिसे उन्होंने 2008 में स्थापित किया था। वे नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने देश की विभिन्न हाईकोर्ट्स और सुप्रीम कोर्ट में 500 से अधिक मामलों में पेशी दी है।
दिल्ली हाईकोर्ट की विभिन्न बेंचों ने उन्हें एमिकस क्यूरी भी नियुक्त किया है और वे दिल्ली हाईकोर्ट (ओरिजिनल साइड) रूल्स, 2018 का मसौदा तैयार करने वाली छह सदस्यीय समिति में भी शामिल रही हैं।
PTI PKS RHL

