
लखनऊ, 6 जुलाई (पीटीआई) — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, जिसका उद्देश्य भूमि क्षरण को रोकना और क्षतिग्रस्त क्षेत्रों को पुनर्स्थापित करना है, उत्तर प्रदेश में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2024 को की थी। उन्होंने लोगों को अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और श्रद्धा के प्रतीक स्वरूप पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया था।
इस अभियान का दूसरा चरण — ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ — 5 जून 2025 को शुरू किया गया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आदित्यनाथ ने इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए महापौरों, पंचायत अध्यक्षों, सदस्यों, पार्षदों और ग्राम प्रधानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया।
उन्होंने कहा, “2017 से पहले उत्तर प्रदेश का वन क्षेत्र घट रहा था। लेकिन पिछले आठ वर्षों में योजनाबद्ध प्रयासों के कारण राज्य का वन क्षेत्र 9 प्रतिशत से बढ़कर 10 प्रतिशत हो गया है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश, हरित क्षेत्र वृद्धि के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है।
वर्ष 2017 से 2024 तक प्रदेश में 5 लाख एकड़ हरित क्षेत्र में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि केवल 2021 से 2023 के बीच, वन और वृक्ष क्षेत्र में 1.38 लाख एकड़ की वृद्धि हुई है।
कुल मिलाकर, 2017 से 2023 के बीच 3.38 लाख एकड़ हरित क्षेत्र में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।
वनों की सुरक्षा पर जोर देते हुए आदित्यनाथ ने चेताया कि भविष्य में ग्लोबल वार्मिंग एक बड़ा खतरा बन सकता है, जिससे भूस्खलन, अत्यधिक वर्षा, बाढ़ आदि समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने कहा, “ऐसे खतरों से बचाव के लिए जलवायु संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।”
मुख्यमंत्री ने आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित करने हेतु सभी से वृक्षारोपण अभियान में भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा, “‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान तभी सफल हो सकता है जब यह जन आंदोलन बने।”
नदी पुनर्जीवन पर बल देते हुए उन्होंने कहा, “जिस प्रकार मानव शरीर में धमनियां जीवन रेखा होती हैं, उसी प्रकार नदियां धरती मां के लिए जीवन रेखा हैं। अतः नदियों को पुनर्जीवित करना आवश्यक है और जनप्रतिनिधियों को इसे एक अभियान के रूप में लेना चाहिए।”
आदित्यनाथ ने राज्य के मंत्रियों और विधायकों से ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने का भी आग्रह किया।
इस बीच, एक बड़े वृक्षारोपण अभियान — ‘वृक्षारोपण महाअभियान-2025’ — की घोषणा की गई है, जिसका लक्ष्य 9 जुलाई को पूरे राज्य में एक ही दिन में 37 करोड़ पौधे लगाने का है।
विधायकों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश इस अभियान के माध्यम से एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाएगा, जो प्रधानमंत्री के पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण के अनुरूप होगा।
जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर निजी संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामुदायिक समूहों को साथ लेकर वृक्षारोपण का नेतृत्व करें।
मुख्यमंत्री ने किसानों को अपने खेत की मेढ़ों पर पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया और आश्वासन दिया कि उन्हें पांच वर्षों के बाद कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम के तहत आर्थिक लाभ मिलेगा।
उन्होंने मंत्रियों और सांसदों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर लोगों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का निर्देश भी दिया।
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