भारत की उन्नत तोपखाना प्रणाली: ATAGS को रक्षा मंत्रालय ने बताया “मिशन मोड में उत्कृष्ट सफलता”

Advanced Towed Artillery Gun Systems {Wikipedia}

नई दिल्ली, 9 जुलाई (PTI): भारतीय सेना की तोपखाना रेजिमेंटों के आधुनिकीकरण और परिचालन तत्परता को बढ़ाने के प्रयासों के तहत, स्वदेशी विकसित एडवांस्ड टोन्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) अब पुरानी और छोटी कैलिबर की तोपों की जगह लेगा। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को इस परियोजना को “मिशन मोड में उत्कृष्ट सफलता” करार दिया है

ATAGS: स्वदेशी नवाचार और आत्मनिर्भरता का प्रतीक

  • ATAGS का डिज़ाइन पुणे स्थित आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ARDE), DRDO की प्रयोगशाला ने किया है।
  • परियोजना 2012 में शुरू हुई थी और 12 वर्षों में डिज़ाइन से लेकर निर्माण, परीक्षण और सेना में शामिल करने तक की पूरी प्रक्रिया पूरी की गई
  • ARDE के निदेशक ए. राजू ने कहा, “यह प्रणाली काफी उन्नत है और ARDE हमारे देश की आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।”

मुख्य विशेषताएं

विशेषताविवरण
कैलिबर155 मिमी / 52 कैलिबर
अधिकतम रेंज48 किमी (विशेष गोला-बारूद के साथ 52+ किमी)
वजनलगभग 18 टन
चालक दल6-8 सदस्य
फायरिंग मोडबर्स्ट: 5 राउंड/60 सेकंड, इंटेंस: 10 राउंड/2.5 मिनट, सतत: 60 राउंड/60 मिनट
ड्राइव सिस्टमपूरी तरह इलेक्ट्रिक (गन लेइंग व अम्युनिशन हैंडलिंग)
तैनातीसभी मौसम और सभी प्रकार के इलाकों में सक्षम
अन्य“शूट एंड स्कूट” क्षमता, उच्च सटीकता, ऑटोमेशन, ACCCS (आर्टिलरी कॉम्बैट कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम) से संगत

अनुबंध और उत्पादन

  • मार्च 2025 में रक्षा मंत्रालय ने Bharat Forge Limited और Tata Advanced Systems Limited के साथ 307 ATAGS और 327 हाई मोबिलिटी 6×6 गन टोइंग वाहनों की खरीद के लिए लगभग ₹6,900 करोड़ के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए
  • Bharat Forge 60% और Tata Advanced Systems 40% गन निर्माण करेंगे।
  • सभी 307 ATAGS की डिलीवरी की समयसीमा पांच वर्ष निर्धारित है

रणनीतिक महत्व

  • ATAGS भारतीय सेना की तोपखाना क्षमताओं को अत्याधुनिक बनाएगा और पुराने 105 मिमी और 130 मिमी गनों की जगह लेगा।
  • यह प्रणाली भारत की रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता (#AatmanirbharBharat) को बढ़ावा देती है और निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करती है
  • ATAGS की तैनाती से सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय सेना की मारक क्षमता और प्रतिक्रिया समय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

निष्कर्ष

ATAGS परियोजना भारतीय रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। इसकी उन्नत तकनीकी क्षमताएं और तेज़ उत्पादन समय इसे भारतीय सेना के लिए एक गेम-चेंजर बनाती हैं