मुंबई: सिंदूर ब्रिज का उद्घाटन, भारतीय सेना को समर्पित

Mumbai: Police personnel keep vigil during the inauguration of Sindoor Flyover by Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis, previously referred to as Carnac Bridge, in Mumbai, Thursday, July 10, 2025. (PTI Photo)(PTI07_10_2025_000080B)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को दक्षिण मुंबई में पुनर्निर्मित कार्नैक रोड ओवर ब्रिज (ROB) का उद्घाटन किया, जिसे अब “सिंदूर ब्रिज” नाम दिया गया है। यह नाम भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दिखाए गए असाधारण साहस और रणनीतिक कौशल को श्रद्धांजलि स्वरूप रखा गया है।

“यह नामकरण हमारी सशस्त्र सेनाओं और भारत की रक्षा क्षमताओं को समर्पित है,” – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • पुराना नाम: कार्नैक ब्रिज, जो ब्रिटिश गवर्नर जेम्स रिवेट कार्नैक (1839-1841) के नाम पर था।
  • कारण: पुराना 150 साल पुराना पुल अगस्त 2022 में केंद्रीय रेलवे द्वारा असुरक्षित घोषित कर तोड़ दिया गया था।
  • पुनर्निर्माण: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा किया गया।

नाम परिवर्तन का कारण

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि कार्नैक गवर्नर के नाम पर बने पुराने पुल का नाम बदलना जरूरी था, क्योंकि इतिहास में उनके द्वारा भारतीयों पर किए गए अत्याचार दर्ज हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘औपनिवेशिक गुलामी के प्रतीकों को मिटाने’ के आह्वान के तहत यह कदम उठाया गया।

पुल की विशेषताएं

विशेषताविवरण
कुल लंबाई328 मीटर
रेलवे क्षेत्र में लंबाई70 मीटर
दोनों ओर अप्रोच रोड230 मीटर
स्टील गर्डरदो, प्रत्येक 70 मीटर लंबे, 26.5 मीटर चौड़े, 10.8 मीटर ऊँचे, 550 मीट्रिक टन वजनी
निर्माणप्रबलित कंक्रीट पियर्स पर गर्डर स्थापित
परीक्षणलोड टेस्टिंग, संरचनात्मक स्थिरता, सुरक्षा प्रमाणन, रेलवे से NOC प्राप्त

यातायात और कनेक्टिविटी

  • यह पुल मुंबई CSMT और मस्जिद स्टेशनों के बीच सेंट्रल रेलवे ट्रैक के ऊपर पूर्व-पश्चिम को जोड़ता है।
  • पुल के खुलने से वॉलचंद हीराचंद मार्ग, शहीद भगत सिंह रोड, युसुफ मेहरअली रोड, मोहम्मद अली रोड और सरदार वल्लभभाई पटेल रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक जाम कम होगा।
  • पुल के दोनों छोर पर चौड़े और सुव्यवस्थित अप्रोच बनाए गए हैं।

उद्घाटन समारोह

  • पुल को फूलों से सजाया गया था और हर कुछ मीटर पर भाजपा के झंडे और पोस्टर लगाए गए थे।
  • मुख्यमंत्री फडणवीस, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
  • विधानसभा अध्यक्ष नार्वेकर ने ही नाम बदलने का प्रस्ताव BMC को भेजा था।

निर्माण की चुनौतियाँ

  • पूर्वी अप्रोच का निर्माण महज चार महीनों में पूरा किया गया।
  • रेलवे ट्रैक के ऊपर भारी स्टील गर्डर स्थापित करना एक बड़ा सिविल और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग का कार्य था, जिसे अक्टूबर 2024 और जनवरी 2025 में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

सिंदूर ब्रिज न केवल मुंबई के यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि भारतीय सेना के शौर्य और देश की आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी बनेगा।