कोटा रेल मंडल में वरिष्ठ अधिकारियों पर मोटर ट्रॉली सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और सिग्नल स्टाफ से मारपीट के आरोप, जांच शुरू

नई दिल्ली, 11 जुलाई (पीटीआई) — कोटा रेल मंडल ने जांच शुरू की है, क्योंकि एक सिग्नल स्टाफ ने आरोप लगाया है कि वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारियों ने मोटर ट्रॉली का ट्रैक रखरखाव के लिए इस्तेमाल किया, जिससे सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ और ट्रेन संचालन में बाधा आई। जब कर्मचारी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट की।

कोटा मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर अनिल कालरा ने शुक्रवार को पीटीआई को बताया, “वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं टेलीकॉम इंजीनियर (Sr DSTE) और वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (Sr DEN) की एक समिति इन आरोपों की जांच करेगी।”

सिग्नल और टेलीकॉम यूनियन ने कर्मचारी का समर्थन करते हुए कहा कि सोनपुर रेल मंडल में इसी तरह मोटर ट्रॉली के अवैध उपयोग के कारण 20 जून 2025 को एक गंभीर हादसा हुआ था, जिसमें एक ट्रैक मेंटेनर की मौत हो गई और तीन कर्मचारी घायल हो गए थे।

शिकायतकर्ता कर्मचारी ने अपने लिखित पत्र में कहा कि 5 जुलाई को करीब 3 बजे, डिविजनल इंजीनियर (DEN), असिस्टेंट इंजीनियर (AEN), सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) और ट्रैक मेंटेनरों की टीम ने पिलौदा रेलवे स्टेशन से बिना किसी सूचना के मोटर ट्रॉली ट्रैक पर चढ़ा दी। इससे पिलौदा और ओदई स्टेशनों के बीच तकनीकी खराबी आई और बयाना-जयपुर एक्सप्रेस करीब आधे घंटे देरी से चली।

कर्मचारी ने आरोप लगाया कि जब उसने अधिकारियों को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने उसके साथ मारपीट की, कपड़े फाड़ दिए और ट्रैक पर घसीटा।

इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलीकॉम मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन कुमार ने आरोप लगाया, “जब कर्मचारी ने ट्रॉली के अवैध उपयोग का विरोध किया और तस्वीरें लेने लगा, तो वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने उसके साथ मारपीट और अपमान किया।”

यूनियन ने कहा कि ट्रैक रखरखाव के लिए ट्रॉली का उपयोग करने से पहले कंट्रोल विभाग से अनुमति लेनी चाहिए थी।

रेलवे बोर्ड ने भी इस घटना के दो दिन बाद, 7 जुलाई 2025 को, बिना कंट्रोल रूम की पूर्व अनुमति के ट्रॉली कार्य पर रोक लगाने का सर्कुलर जारी किया। इसमें सोनपुर मंडल की ट्रेन-ट्रॉली टक्कर का भी उल्लेख किया गया है।

IRSTMU के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने कहा, “अगर वरिष्ठ अधिकारी ही सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करेंगे, तो वे अपने जूनियरों से नियमों का पालन कैसे करवाएंगे? मैं रेल प्रशासन से अनुरोध करता हूं कि इस मामले को गंभीरता से लें।”

(PTI JP JP MNK MNK)

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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