जून में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति हुई नकारात्मक, -0.13 प्रतिशत दर्ज

नई दिल्ली, 14 जुलाई (पीटीआई) — सरकार के आंकड़ों के अनुसार, जून में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति -0.13 प्रतिशत पर आ गई है, क्योंकि खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में गिरावट के साथ-साथ निर्मित उत्पादों की लागत में भी कमी आई है।

मई में WPI मुद्रास्फीति 0.39 प्रतिशत थी, जबकि पिछले साल जून में यह 3.43 प्रतिशत थी।

वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “जून 2025 में नकारात्मक मुद्रास्फीति का मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं, खनिज तेल, बेसिक मेटल्स, कच्चा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतों में कमी है।”

WPI आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं में जून में 3.75 प्रतिशत की गिरावट आई, जो मई में 1.56 प्रतिशत थी, जिसमें सब्जियों की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई।

सब्जियों में जून में 22.65 प्रतिशत की गिरावट हुई, जबकि मई में यह 21.62 प्रतिशत थी।

निर्मित उत्पादों में मुद्रास्फीति जून में 1.97 प्रतिशत रही, जो मई में 2.04 प्रतिशत थी।

ईंधन और बिजली में जून में 2.65 प्रतिशत की नकारात्मक मुद्रास्फीति (डिफ्लेशन) दर्ज की गई, जबकि मई में यह 2.27 प्रतिशत थी।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मौद्रिक नीति बनाते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है।

खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े जून के लिए बाद में जारी किए जाएंगे।

पिछले महीने RBI ने मुद्रास्फीति में नरमी के बीच बेंचमार्क पॉलिसी ब्याज दरों में 0.50 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया था।

(PTI JD DRR)

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