सेना ने ‘प्रचंड शक्ति’ के जरिए स्ट्राइक कोर ऑपरेशनों में डिसरप्टिव टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन किया

नई दिल्ली, 14 जुलाई (पीटीआई) — सेना ने सोमवार को मेरठ में एक डेमो के जरिए दिखाया कि कैसे डिसरप्टिव टेक्नोलॉजी (विघटनकारी तकनीक) स्ट्राइक कोर द्वारा गहरे आक्रामक अभियानों में इन्फैंट्री फॉर्मेशनों की फुर्ती, मारक क्षमता और जीवित रहने की संभावना को बढ़ा सकती है।

इस प्रदर्शन का नाम ‘प्रचंड शक्ति’ रखा गया था, जिसे सेना की चार्जिंग रैम डिवीजन ने खरगा कोर फील्ड ट्रेनिंग एरिया में आयोजित किया।

अधिकारियों के अनुसार, इस डेमो में दिखाया गया कि कैसे यूएवी (ड्रोन), एआई-आधारित सिस्टम, लूटिंग म्यूनिशन और स्वायत्त प्लेटफॉर्म्स आधुनिक युद्ध का चेहरा बदल रहे हैं और युद्धक्षेत्र की रणनीति को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं।

प्रदर्शन का उद्देश्य यह दिखाना था कि इन तकनीकों के इस्तेमाल से स्ट्राइक कोर की गहरी आक्रामक कार्रवाइयों में इन्फैंट्री की फुर्ती, मारक क्षमता और सुरक्षा को किस तरह बढ़ाया जा सकता है।

यह डेमो सेना की व्यापक परिवर्तन पहल ‘टेक्नोलॉजी एब्जॉर्प्शन का वर्ष’ के तहत आयोजित किया गया, जिसमें नागरिक नवाचारकर्ताओं द्वारा विकसित स्वदेशी और अत्याधुनिक समाधानों को सैन्य अभियानों में एकीकृत करने पर जोर दिया गया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह पहल न सिर्फ सेना की तकनीकी प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि आत्मनिर्भरता और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के विजन को भी मजबूत करती है।

(PTI KND RHL)

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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