सरकार संसद के मानसून सत्र में आठ नए विधेयक पेश करने जा रही है, जिनमें जियोहेरिटेज साइट्स एंड जियो-रिलिक्स (प्रिजर्वेशन एंड मेंटेनेंस) बिल भी शामिल है। यह बिल महत्वपूर्ण भौगोलिक (geological) धरोहर स्थलों और भू-अवशेषों के संरक्षण हेतु लाया जा रहा है।
नीचे दी गई सूची में वे सभी आठ नए विधेयक बताए गए हैं जो मानसून सत्र में पेश किए जाएंगे:
- नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल
- जियोहेरिटेज साइट्स एंड जियो-रिलिक्स (प्रिजर्वेशन एंड मेंटेनेंस) बिल
- माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन विधेयक
- नेशनल एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक
- मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (संशोधन) विधेयक
- जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक
- इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (संशोधन) विधेयक
- टैक्सेशन लॉ (संशोधन) विधेयक
साथ ही, सरकार इनकम टैक्स विधेयक, 2025 भी सदन में रखेगी, जिसे फरवरी में लोकसभा में पेश किया गया था और अब सेलेक्ट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
जियोहेरिटेज साइट्स एंड जियो-रिलिक्स बिल का उद्देश्य भू-वैज्ञानिक महत्व के स्थलों और अवशेषों की पहचान, सुरक्षा और संरक्षण करना है। इसमें केन्द्र सरकार और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) को विशेषाधिकार और शक्तियां दी गई हैं, जिनके तहत वे ऐसे क्षेत्रों को राष्ट्रीय महत्व का घोषित कर सकते हैं, अधिग्रहित कर सकते हैं, और वहाँ किसी भी तरह का अवैध निर्माण रोक सकते हैं। बिल के तहत उल्लंघन करने पर छह महीने तक की जेल या पांच लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
मानसून सत्र की शुरुआत 21 जुलाई से होगी और 21 अगस्त तक कुल 21 बैठकें होंगी, जिसमें 12 अगस्त से 18 अगस्त तक रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस के लिए अवकाश रहेगा।

