नई दिल्ली, 17 जुलाई (पीटीआई) — सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी को कर्नाटक के एक गांव में कथित बड़े पैमाने पर भूमि अतिक्रमण के मामले में चल रही अवमानना कार्यवाही से राहत देते हुए तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति पंकज मिथाल और न्यायमूर्ति प्रसन्न बी वराले की पीठ ने कुमारस्वामी की याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें कर्नाटक उच्च न्यायालय के 17 अप्रैल 2025 के आदेश के खिलाफ चुनौती दी गई है। कोर्ट ने प्रभावी तिथि तक उस आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन को स्थगित कर दिया है। याचिका के जवाब के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।
यह अवमानना कार्यवाही ‘समाज परिवर्तन समुदाय’ नामक एनजीओ द्वारा दायर याचिका से उत्पन्न हुई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुमारस्वामी और उनके परिवार ने केथगनाहल्ली गांव में सरकारी भूमि का बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया है। यह मामला 2011 की लोकायुक्त की अंतरिम रिपोर्ट से जुड़ा हुआ है।
हालांकि, लोकायुक्त ने बाद में 2021 में अपनी न्यायक्षेत्र संबंधी सीमाओं के कारण इस मामले में अपनी जांच बंद कर दी थी। इसके बावजूद, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य अधिकारियों के खिलाफ सरकारी भूमि वापस न लेने के आरोप में अवमानना याचिका स्वीकार की थी।
कुमारस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वे मूल अवमानना कार्यवाही का पक्षकार नहीं थे, लेकिन फिर भी उन्हें इस प्रक्रिया में जोड़ा गया और उनके विरुद्ध निकासी नोटिस जारी किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाते हुए उनकी अस्थायी राहत प्रदान की है।
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