नई दिल्ली, 17 जुलाई (PTI) — दिल्ली पुलिस ने 18 वर्षीय सोनू कुमार की बेरहमी से हत्या करने वाले तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया है, जिनका शव लगभग तीन महीने बाद यमुना के किनारे अलीपुर में बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, नाबालिगों ने सोनू का मोबाइल छीनने की कोशिश की थी। जब वह विरोध कर रहा था, तो उन्होंने उसे गला घोंट कर मार डाला, पहचान छुपाने के लिए उसकी आंखें निकल दीं और फिर शव को तीन फुट गहरे गड्ढे में दफना दिया।
यह मामला बुधवार को रूटीन गश्त के दौरान सुलझा, जब पुलिस ने बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल पर सवार तीन 16 वर्षीय युवकों को संदिग्ध व्यवहार करते देखा और उन्हें रोका। आरोपियों के पास से एक नीऑन रंग का मोबाइल मिला, जो सोनू के मोबाइल से मेल खाता था। पूछताछ में नाबालिगों ने हत्या का कबूल किया।
पुलिस ने शव को यमुना के निर्जन किनारे पर पाया — यह इलाका अपराधियों द्वारा अपराध छुपाने के लिए अक्सर इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि वहां कम लोग रहते हैं और निगरानी कम होती है। यमुना खादर क्षेत्र अपराधियों का अड्डा बन चुका है क्योंकि रात में वहां गवाहों की कमी और परिवेश का निश्छल होना हत्याएँ छुपाने में मदद करता है।
अलीपुर के उपमंडल मजिस्ट्रेट, फोरेंसिक टीम और मोबाइल क्राइम टीम की मदद से पुलिस ने सोनू के कंकाल को बरामद कर बाबू जगजीवन राम अस्पताल में फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की मर्डर, सबूत मिटाने और संयुक्त दायित्व संबंधी धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
यह घटना इस बात की चिंता पैदा करती है कि यमुना के किनारे के निर्जन इलाकों को अपराध छुपाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे पुलिस की जांच में बड़ी चुनौतियां आती हैं। स्थानीय लोग इस इलाके से डरते हैं क्योंकि बार-बार अपराध वहां होते रहते हैं और पुलिस गश्त कम होती है।
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