नई दिल्ली, 19 जुलाई (PTI) — दिल्ली मेट्रो में महिला कोच में गैरकानूनी तरीके से प्रवेश करने पर वर्ष 2024-25 के दौरान 2,320 पुरुष यात्रियों पर जुर्माना लगाया गया, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
DMRC के अनुसार, यह कार्रवाई दिल्ली मेट्रो रेलवे ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस एक्ट के तहत की गई, जिसके अंतर्गत नियम तोड़ने वालों पर प्रत्येक मामले में ₹250 का जुर्माना लगाया जाता है।
आकड़ों के अनुसार:
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मई महीने में सबसे अधिक 443 मामले सामने आए,
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इसके बाद अप्रैल में 419 और सितंबर में 397 ऐसे मामलों में चालान काटे गए।
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दिसंबर 2024 में सबसे कम, केवल 1 व्यक्ति पर कार्रवाई हुई।
एक अधिकारी ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति मौके पर जुर्माना भरने में असमर्थ होता है, तो CISF या फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है।
DMRC ने बताया कि यह अभियान CISF के सहयोग से मेट्रो नेटवर्क पर विभिन्न स्थानों पर चलाया जाता है।
महिला यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए DMRC ने इस समस्या से निपटने के लिए कई जागरूकता अभियान भी शुरू किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
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ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर नियमित घोषणाएं,
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सोशल मीडिया पर डिजिटल अभियानों के माध्यम से जागरूकता,
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महिला कोच की स्थिति स्पष्ट दर्शाने वाले संकेत चिह्न (साइनबोर्ड)।
DMRC अधिकारी ने बताया कि फ्लाइंग स्क्वाड भी लगातार निगरानी रखते हैं और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अभियान और जागरूकता की पहल आगे भी जारी रखी जाएंगी ताकि महिला यात्रियों को एक सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव मिल सके।
वर्तमान में दिल्ली मेट्रो 395 किलोमीटर लंबे नेटवर्क में 257 स्टेशन और 10 रंग-कोडेड लाइनों के साथ संचालित होती है। आम तौर पर मेट्रो ट्रेनें 6 या 8 कोच की होती हैं, जिनमें एक कोच विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित होता है।
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