नई दिल्ली, 20 जुलाई (PTI) — राजधानी दिल्ली में एक बॉलीवुड स्टाइल लूट को अंजाम देते हुए एक महिला, एक दुकानदार और एक बेरोज़गार युवक ने खुद को CBI अधिकारी बताकर एक व्यवसायी के घर में छापा मारा और लाखों रुपये की नकदी और कीमती गहने लूट लिए। यह घटना उत्तर दिल्ली के वज़ीराबाद इलाके में हुई और दिल्ली पुलिस की टीम ने एक हफ़्ते की तलाश के बाद आरोपियों को हरिद्वार और मसूरी से गिरफ्तार किया।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बंथिया के अनुसार, इस लूट की मुख्य साजिशकर्ता 22 वर्षीय महिला है, जो पीड़ित व्यवसायी की एक दूर की रिश्तेदार है। वह अक्सर पीड़ित के घर जाती थी और वहीं से उसे घर में रखी नकदी और गहनों की जानकारी मिली।
महिला ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए हरिद्वार में फूड सप्लीमेंट स्टोर चलाने वाले केशव प्रसाद (28) और दिल्ली के जोहड़ीपुर इलाके के रहने वाले बेरोज़गार छात्र विवेक सिंह (20) को अपने साथ मिलाया।
वारदात कैसे घटी?
10 जुलाई की शाम को, आरोपी तीनों लोग सफेद शर्ट, काली पैंट और चेहरे पर मास्क लगाकर पीड़ित के घर पहुंचे और खुद को CBI के ओखला ब्रांच के अधिकारी बताया।
“उन्होंने कहा कि वे एक एफआईआर के आधार पर कार्यवाही कर रहे हैं और उनके पास तलाशी वारंट है। जब परिवार ने दस्तावेज़ दिखाने को कहा, तो आरोपियों ने उन्हें डांट दिया और सहयोग करने को कहा,” — DCP ने बताया।
इसके बाद आरोपियों ने एक अलमारी को जबरन खोल लिया और उसके अंदर से ₹3 लाख नकद और सोने-चांदी के गहने जब्त कर लिए, यह कहकर कि इसे सीज़ किया जा रहा है।
“जब शिकायतकर्ता ने जब्त समान की रसीद की माँग की, तो आरोपियों ने उसकी बेटी की नोटबुक में कुछ लाइनें लिख दीं और फर्जी नाम से हस्ताक्षर कर दिए,” — DCP बंथिया ने कहा।
परिवार को शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
जांच और गिरफ्तारी
मामले की एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे उन्हें घटना के वक्त आरोपी द्वारा इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल के बारे में जानकारी मिली।
“बाइक के पंजीकरण नंबर से पता चला कि वह करावल नगर में केशव प्रसाद के नाम पर पंजीकृत है, लेकिन वह घर पर नहीं मिला,” — DCP ने बताया।
फोन सर्विलांस और तकनीकी निगरानी से पता चला कि आरोपी लगातार हरिद्वार और मसूरी के बीच लोकेशन बदल रहे थे।
आख़िरकार, 18 जुलाई को पुलिस ने केशव और महिला आरोपी को मसूरी से पकड़ लिया, जबकि विवेक सिंह को हरिद्वार से उसी दिन गिरफ्तार किया गया।
कबूलनामाः प्लानिंग से लेकर लूट तक
पूछताछ में आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया। महिला ने बताया कि उसे परिवार के घर में रखी नकदी और गहनों के बारे में जानकारी थी और उसने ही इस “छापे” की योजना बनाई थी।
उसने केशव को इसके लिए जोड़ा और फिर केशव ने अपने पड़ोसी विवेक सिंह को साथ जोड़ा। तीनों ने CBI अधिकारी जैसी पोशाक खरीदी और प्लानिंग की कि कैसे पेश आना है, कैसे तलाशी लेनी है और परिवार को कैसे विश्वास में लेना है।
वारदात के बाद, ये लोग अलग-अलग होटलों में रुके और लगातार स्थान बदलते रहे। उन्होंने लूटी गई रकम में से कुछ हिस्सा शौक और यात्रा पर खर्च किया।
जब्ती एवं कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद किया:
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₹1.75 लाख नकद
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29 सोने-चांदी के आभूषण
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वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल
अभी मामले में और जांच जारी है ताकि अन्य सहयोगियों और लूट के पूरे सामान का पता लगाया जा सके।
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