नई दिल्ली, 21 जुलाई (PTI) — केंद्र सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत प्रस्तावित “हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया” (HECI) की स्थापना के लिए एक विधेयक तैयार करने की प्रक्रिया में है, यह जानकारी सोमवार को लोकसभा में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने एक लिखित जवाब में दी।
उन्होंने कहा:
“NEP 2020 एक ऐसा नियामकीय ढांचा प्रस्तावित करती है, जो ‘हल्का पर सख्त’ हो — यानी संस्थागत सुधार, पारदर्शिता और संसाधनों की दक्षता सुनिश्चित करता हो, साथ ही स्वायत्तता, नवाचार और गुड गवर्नेंस को प्रोत्साहित करता हो।”
राज्य मंत्री ने बताया:
“NEP के विज़न के अनुसार, HECI को एक ‘अंब्रेला संगठन’ के रूप में स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है, जिसके अंतर्गत चार स्वतंत्र वर्टिकल होंगे —
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नियमन (Regulation)
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मूल्यांकन/मान्यता (Accreditation)
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वित्त पोषण (Funding)
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शैक्षणिक मानक निर्धारण (Academic Standard-Setting)”
किन संस्थाओं की जगह लेगा HECI?
NEP में प्रस्तावित HECI मौजूदा तीन प्रमुख शिक्षा निकायों का स्थान लेगा:
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UGC (University Grants Commission) — गैर-तकनीकी उच्च शिक्षा
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AICTE (All India Council for Technical Education) — तकनीकी शिक्षा
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NCTE (National Council for Teacher Education) — शिक्षक शिक्षा
HECI के विचार पर पहले भी सार्वजनिक चर्चा हो चुकी है।
2018 में ‘UGC अधिनियम निरसन विधेयक’ (Higher Education Commission of India – Repeal of UGC Act Bill, 2018) को मसौदा रूप में सार्वजनिक किया गया था और हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए गए थे।
कब शुरू हुआ था नया प्रयास?
2021 में धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री बनने के बाद HECI के गठन की दिशा में नवीन प्रयास आरंभ किए गए।
NEP 2020 दस्तावेज़ में यह भी कहा गया है:
“भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था को पुनर्जीवित करने और उसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए मौजूदा नियामकीय ढांचे का संपूर्ण पुनर्गठन आवश्यक है।”
निष्कर्ष:
HECI को एक एकीकृत और सुव्यवस्थित व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है, जो संस्थान/अधिकारियों की जटिलता को कम करेगा, गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा, और वैश्विक मानकों के अनुरूप भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाएगा।
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