नई दिल्ली, 21 जुलाई (PTI) — एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी को दुपट्टे से गला घोंटने की कोशिश करने के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने उसे ‘गैर इरादतन हत्या के प्रयास’ (Section 308 IPC) में दोषी करार दिया है। यह फैसला लगभग तीन साल पुराने मामले में आया है, जो 22 सितंबर 2021 को घटित हुआ था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेम राज ने आरोपी बिजेंद्र सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 308 के तहत दोषी ठहराया। शुरू में पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया था, जो अधिक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
पत्नी ने लगाया था गला घोंटने का आरोप
आरोपी की पत्नी संगीता ने अदालत में बताया कि 22 सितंबर 2021 को उसके पति ने नशे की हालत में उसके दुपट्टे से उसका गला घोंटने की कोशिश की, जिससे उसकी गर्दन में तेज़ दर्द हुआ।
गंभीर जानलेवा चोट नहीं मिली, कोर्ट ने कहा
16 जुलाई को दिए गए निर्णय में अदालत ने कहा कि,
“अभियोजन पक्ष का यह दावा नहीं है कि पीड़िता के किसी भी आंतरिक अंग को ऐसा कोई नुकसान हुआ हो जिससे उसकी मौत हो सकती थी।”
अदालत ने यह भी कहा कि घटना के बाद पीड़िता की जांच करने वाले डॉक्टर ने यह पुष्टि की कि उनकी ‘हेमोडायनामिक स्थिति सामान्य’ (blood pressure और heart rate स्थिर) थी — यानी शरीर में रक्त संचार सामान्य था और कोई गंभीर खतरा नहीं था।
307 के बजाय 308 में दोष सिद्ध
कोर्ट ने कहा:
“जब किसी व्यक्ति पर ऐसे अपराध का आरोप हो जिसमें कई स्तर या तत्व हों, और उनमें से कुछ स्तर किसी कम गंभीर अपराध की श्रेणी में साबित हों, तो उस व्यक्ति को कम गंभीर अपराध में भी दोषी ठहराया जा सकता है, भले ही उस पर विशेष रूप से उस आरोप में मुकदमा न चलाया गया हो।”
इस आधार पर कोर्ट ने माना कि हालांकि गला घोंटने की कोशिश साबित हुई है, लेकिन यह हत्या के प्रयास (Section 307) की श्रेणी में नहीं आता, बल्कि यह गैर इरादतन हत्या का प्रयास (Section 308) है।
सजा 5 अगस्त को सुनाई जाएगी
कोर्ट ने अभियुक्त की सजा सुनाने की तिथि 5 अगस्त तय की है। उस दिन यह तय होगा कि आरोपी को इस अपराध के लिए क्या सजा दी जाएगी।
#स्वदेशी #समाचार #दिल्लीकोर्ट #घरेलूहिंसा #हत्या_का_प्रयास #IPC308 #महिलासुरक्षा #ViralNews #BreakingNews

