
नई दिल्ली, 23 जुलाई (पीटीआई) — बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के खिलाफ विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे और विरोध प्रदर्शन के चलते लोकसभा की कार्यवाही बुधवार को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। यह मानसून सत्र का लगातार तीसरा दिन है जब सदन की कार्यवाही बाधित हुई है।
प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्य तख्तियां लहराते और नारे लगाते हुए सदन के वेल में आ गए, जिससे दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
इससे पहले भी विरोध और नारेबाजी के चलते कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित की गई थी।
सदन के दोबारा शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा और जब टीडीपी नेता कृष्णा प्रसाद टेनेटी अध्यक्ष की कुर्सी पर थे, तब उन्होंने कार्यवाही स्थगित कर दी।
विपक्षी सदस्य “एसआईआर वापस लो” जैसे नारे लगा रहे थे।
विपक्ष बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) पर चर्चा की मांग कर रहा है, जिसे चुनाव आयोग ने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले शुरू किया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे सांसद ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जैसे वे सड़क पर हों, और चेतावनी दी कि वह उनके खिलाफ “निर्णायक” कार्रवाई करने को मजबूर होंगे।
उन्होंने कहा, “आपको ऐसा व्यवहार करना चाहिए जो उन लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को दर्शाए जिन्होंने आपको चुना है। आपको ऐसे मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए जो जनता का जीवन आसान बना सकें। लेकिन आप संसद में सड़क जैसा व्यवहार कर रहे हैं।”
बिरला ने यह भी कहा कि सांसदों को तख्तियां लेकर सदन में नहीं आना चाहिए।
“यदि आप ऐसा करना जारी रखेंगे तो मुझे कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी,” उन्होंने कहा और सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर बैठने को कहा।
सदन में मानसून सत्र के पहले दो दिनों में भी विपक्षी प्रदर्शन के कारण कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई थी। विपक्ष की मांग थी कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और बिहार में एसआईआर पर चर्चा की जाए।
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