
धनबाद, 25 जुलाई (पीटीआई) झारखंड के धनबाद में एक बंद पड़ी कोयला खदान में अवैध खनन के दौरान कथित तौर पर फंसे खनिकों को बचाने के लिए एनडीआरएफ और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की एक संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
गुरुवार देर शाम खनिकों की तलाश के असफल प्रयास के बाद, एनडीआरएफ के 35 सदस्यीय दल और बीसीसीएल खदानों की 15 सदस्यीय बचाव शाखा द्वारा यह अभियान सुबह करीब 11.30 बजे शुरू हुआ।
इस बीच, बाघमारा स्थित बीसीसीएल की ब्लॉक-2 की बंद पड़ी भूमिगत खदान में कथित खदान ढहने की घटना को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई नेताओं ने इस घटना में कई लोगों की मौत का दावा किया है।
गिरिडीह के सांसद सी. पी. चौधरी द्वारा घटनास्थल पर तत्काल बचाव अभियान की मांग को लेकर बाघमारा थाने में धरना देने के बाद बुधवार को एनडीआरएफ को तैनात किया गया।
बाघमारा थाना प्रभारी अजीत कुमार ने कहा, “सांसद ने तीन जगहों को संदिग्ध रूप से फंसे हुए लोगों के रूप में चिह्नित किया है। इनमें से एक जगह पर तलाशी अभियान शुरू हो गया है और जल्द ही अन्य जगहों पर भी तलाशी अभियान चलाया जाएगा।”
यह घटना 22 जुलाई की शाम को हुई, जब ब्लॉक 2 स्थित भूमिगत बंद खदान की छत ढह गई, जिसमें कथित तौर पर कई मज़दूर फँस गए।
एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जेसीबी मशीनों सहित आवश्यक संसाधनों के अभाव में तलाशी अभियान की गति धीमी है।
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक और झारखंड के पूर्व मंत्री सरयू राय ने गुरुवार को इस घटना में कम से कम 15 मौतों को छिपाने के लिए बड़े पैमाने पर लीपापोती का आरोप लगाया था और इसे “सबूत मिटाने के लिए लोगों को जानबूझकर ताज़ी मिट्टी के नीचे दबा दिया गया” बताया था।
बुधवार को, चौधरी ने दावा किया था कि कम से कम नौ मज़दूरों की जान चली गई।
बढ़ते आरोपों के बावजूद, धनबाद जिला प्रशासन, बीसीसीएल और पुलिस के अधिकारियों का दावा है कि अभी तक ऐसी किसी घटना के कोई संकेत नहीं मिले हैं। पीटीआई कॉर एनएएम आरबीटी
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