लंदन, 25 जुलाई (पीटीआई): वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और ब्रिटेन दोनों के व्यवसाय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को लेकर आशावादी हैं, जिसका उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 112 अरब अमेरिकी डॉलर तक दोगुना करना है।
भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता, जिसे व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) भी कहा जाता है, को गोयल और उनके ब्रिटिश समकक्ष जोनाथन रेनॉल्ड्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की उपस्थिति में गुरुवार को हस्ताक्षरित किया।
व्यापारिक नेताओं के साथ हस्ताक्षर के बाद की बातचीत में गोयल ने कहा, “निवेशक अपनी निवेश योजनाओं को दोगुना करने को तैयार हैं। उद्योग और निर्माण क्षेत्र के लोग अपने बाजारों का विस्तार करना चाहते हैं। सेवा क्षेत्र को इसके विकास की अपार संभावनाओं को लेकर उत्साह है। चाहे सरकार हो या निजी क्षेत्र, सभी का साझा संकल्प है कि 2030 तक भारत-ब्रिटेन के बीच व्यापार को दोगुना किया जाए।”
ग्रांट थॉर्नटन यूके के साझेदार और साउथ एशिया बिजनेस ग्रुप के प्रमुख अनुज चांदे ने कहा, “यह समझौता निश्चित रूप से दोनों देशों के लिए फायदेमंद प्रतीत होता है, जिसमें शुल्क में भारी कमी की गई है… यह एक नई शुरुआत है, अंत नहीं।”
यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल (UKIBC) के भारत अध्यक्ष किशोर जयरामन ने कहा कि शुल्क को दोनों देशों के लिए स्वीकार्य स्तर तक लाया गया है, ताकि व्यापार और अर्थव्यवस्था बिना किसी अड़चन के आगे बढ़ सके।
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन इससे भी बढ़कर, यह मान्यता है कि डिजिटल, तकनीक, रक्षा, जीवन विज्ञान, कृषि जैसे कई क्षेत्र हैं जिनमें दोनों देशों के पास ऐसे उत्पाद और सेवाएं हैं जिन्हें तेजी से दोनों देशों की जनता तक पहुंचाया जा सकता है।”
पीटीआई AK ANU ANU

