नई दिल्ली, 26 जुलाई (PTI) — दिल्ली की एक अदालत ने विकास यादव से जुड़े अपहरण और आपराधिक साजिश मामले में सह-आरोपी जलालुद्दीन उर्फ़ समीर को जमानत प्रदान कर दी है। विकास यादव पर अमेरिका की अदालत ने सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की साजिश रचने के आरोप लगाए हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने जलालुद्दीन की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पाया कि जनवरी 6, 2024 की एफआईआर दर्ज होने के तीन सप्ताह बाद भी जलालुद्दीन और शिकायतकर्ता राज कुमार वालिया थाईलैंड के लिए साथ में यात्रा कर चुके थे। यह तथ्य शिकायतकर्ता के दावे पर संदेह पैदा करता है।
आरोप है कि 17 दिसंबर 2023 को वालिया को विकास यादव और अब्दुल्ला खान ने अपहरण करके मारा पीटा और उनसे नकदी, गहने व चेक जब्त किए। वालिया ने जलालुद्दीन को हवाला भुगतान की मांग करते हुए वीडियो कॉल करने के लिए मजबूर किया गया था। पुलिस ने इसके बाद आपराधिक साजिश समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
कोर्ट ने नोट किया कि जबकि शिकायतकर्ता ने जलालुद्दीन के साथ यात्रा और व्हाट्सएप संवादों को अस्वीकार किया, लेकिन दोनों के पासपोर्ट से उनकी थाईलैंड यात्रा स्पष्ट है, जो वस्तुनिष्ठ सबूत माना गया। शिकायतकर्ता ने इस यात्रा की कोई संतोषजनक व्याख्या नहीं दी।
जलालुद्दीन का केस मुख्यतः साजिश रचना का है, उनसे कोई जब्ती नहीं हुई और पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है। साथ ही उन्होंने कोर्ट के नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया है।
कोर्ट ने जलालुद्दीन को जमानत देते हुए बांड और दो गारंटर के रूप में ₹1 लाख की मांग की है। साथ ही कई शर्तें लगाई गईं जैसे सबूतों को छेड़छाड़ न करना, शिकायतकर्ता से संपर्क न करना और मामले के शीघ्र निपटारे में सहयोग करना।
मामला आगे 25 अगस्त को सुनवाई के लिए तय है।
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