भारत में मंदिरों और अन्य धार्मिक समारोहों में हुई प्रमुख भगदड़ की सूची

**EDS: SCREENSHOT VIA VIDEO** Haridwar: People gather at the site after a stampede broke out at Mansa Devi temple, in Haridwar, Uttarakhand, Sunday, July 27, 2025. At least six people died and several suffered injuries in the incident, according to officials. (PTI Photo) (PTI07_27_2025_000101B)

नई दिल्ली, 27 जुलाई (पीटीआई) हरिद्वार की पहाड़ी पर स्थित मनसा देवी मंदिर में रविवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं के जमावड़े के दौरान मची भगदड़ में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
यह पहली बार नहीं है कि भारत में पिछले कुछ वर्षों में मंदिरों और अन्य धार्मिक समारोहों में भगदड़ में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई हो। रविवार की घटना सहित इस साल अब तक मंदिर समारोहों, रेलवे स्टेशनों और महाकुंभ में हुई भगदड़ में 70 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
पिछले दो दशकों में देश में हुई कुछ प्रमुख भगदड़ों की सूची इस प्रकार है: **4 जून, 2025: 18 साल बाद आईपीएल में अपनी पहली जीत के जश्न में आरसीबी की परेड एक भयावह दृश्य बन गई, जिसमें चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ में कम से कम 11 लोग मारे गए और कई घायल हो गए।

** 3 मई, 2025: गोवा के शिरगाओ गाँव में श्री लयराई देवी मंदिर के वार्षिक उत्सव के दौरान तड़के मची भगदड़ में छह लोगों की मौत हो गई और लगभग 100 लोग घायल हो गए।

** 15 फ़रवरी, 2025: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में महिलाओं और बच्चों समेत 18 लोगों की मौत हो गई। वे महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाली ट्रेन में चढ़ने का इंतज़ार कर रहे थे।

** 29 जनवरी, 2025: महाकुंभ के संगम क्षेत्र में ‘अमृत स्नान’ में भाग लेने के लिए जगह पाने के लिए लाखों तीर्थयात्रियों की होड़ में मची भगदड़ में 30 लोग मारे गए और 60 घायल हो गए।

** 8 जनवरी, 2025: तिरुमाला हिल्स स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शनम के टिकट के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच हुई धक्का-मुक्की में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए।

** 4 दिसंबर, 2024: हैदराबाद के संध्या थिएटर में अल्लू अर्जुन की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा 2’ के प्रदर्शन के दौरान मची भगदड़ में एक 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई और एक लड़का घायल हो गया।

** 2 जुलाई, 2024: उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक स्वयंभू बाबा, भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि द्वारा आयोजित एक ‘सत्संग’ (प्रार्थना सभा) में भगदड़ मचने से महिलाओं और बच्चों सहित 100 से 120 लोगों की मौत हो गई।

** 31 मार्च, 2023: इंदौर शहर के एक मंदिर में रामनवमी के अवसर पर आयोजित ‘हवन’ कार्यक्रम के दौरान एक प्राचीन ‘बावड़ी’ या कुएँ के ऊपर बनी स्लैब के ढह जाने से 36 लोगों की मौत हो गई।

** 1 जनवरी, 2022: जम्मू-कश्मीर स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में बारह लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज़्यादा घायल हो गए।

** 29 सितंबर, 2017: मुंबई में पश्चिमी रेलवे के एलफिंस्टन रोड स्टेशन को मध्य रेलवे के परेल स्टेशन से जोड़ने वाले संकरे पुल पर मची भगदड़ में 23 लोगों की जान चली गई और 36 घायल हो गए।

** 14 जुलाई, 2015: आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में गोदावरी नदी के तट पर स्थित एक प्रमुख स्नान स्थल पर मची भगदड़ में 27 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। ** 3 अक्टूबर, 2014: दशहरा समारोह समाप्त होने के तुरंत बाद पटना के गांधी मैदान में मची भगदड़ में 32 लोगों की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गए।

** 13 अक्टूबर, 2013: मध्य प्रदेश के दतिया ज़िले में रतनगढ़ मंदिर के पास नवरात्रि उत्सव के दौरान मची भगदड़ में 115 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज़्यादा घायल हो गए। भगदड़ इस अफ़वाह के कारण मची कि जिस नदी पुल को श्रद्धालु पार कर रहे थे, वह टूटने वाला है।

** 19 नवंबर, 2012: पटना में गंगा नदी के एक किनारे अदालत घाट पर छठ पूजा के दौरान एक अस्थायी पुल के ढह जाने से मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

** 8 नवंबर, 2011: हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे हर-की-पौड़ी घाट पर मची भगदड़ में 20 लोगों की मौत हो गई।

** 14 जनवरी, 2011: केरल के इडुक्की ज़िले के पुलमेदु में एक जीप के तीर्थयात्रियों से टकराने से मची भगदड़ में 104 सबरीमाला श्रद्धालु मारे गए और 40 से ज़्यादा घायल हुए।

** 4 मार्च, 2010: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ ज़िले में कृपालु महाराज के राम जानकी मंदिर में मची भगदड़ में 63 लोगों की मौत हो गई। लोग स्वयंभू बाबा से मुफ़्त कपड़े और भोजन लेने के लिए इकट्ठा हुए थे।

** 30 सितंबर, 2008: राजस्थान के जोधपुर शहर में चामुंडा देवी मंदिर में बम फटने की अफ़वाहों के कारण मची भगदड़ में 220 से 250 श्रद्धालु मारे गए और 60 से ज़्यादा घायल हुए।

** 3 अगस्त, 2008: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ज़िले में नैना देवी मंदिर में चट्टान खिसकने की अफ़वाहों के कारण मची भगदड़ में 162 लोग मारे गए और 47 घायल हुए।

** 25 जनवरी, 2005: महाराष्ट्र के सतारा ज़िले में मंधारदेवी मंदिर में वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान लगभग 340 श्रद्धालु कुचलकर मारे गए और सैकड़ों घायल हुए। यह दुर्घटना तब हुई जब कुछ लोग नारियल तोड़ रहे श्रद्धालुओं द्वारा फिसलन भरी सीढ़ियों से गिर गए।

** 27 अगस्त, 2003: महाराष्ट्र के नासिक जिले में कुंभ मेले में पवित्र स्नान के दौरान मची भगदड़ में 39 लोग मारे गए और लगभग 140 घायल हुए। पीटीआई आरएचएल आरएचएल

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