
नई दिल्ली, 27 जुलाई (पीटीआई) – भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी कर रहे सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को 5,000 से अधिक बॉडी-वियर कैमरे (शरीर पर पहने जाने वाले कैमरे) दिए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य अवैध बांग्लादेशियों की वापसी की प्रक्रिया और ड्यूटी पर तैनात जवानों पर अपराधियों के हमलों की रिकॉर्डिंग करना है।
सुरक्षा तंत्र से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा पर मौजूद कुछ चयनित सीमा चौकियों (BOPs) को उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियों (आईरिस) का बायोमेट्रिक डेटा कैप्चर करने वाले उपकरणों से भी लैस किया जा रहा है। इस डेटा को विदेशियों के पंजीकरण कार्यालय (FRO) के साथ साझा किया जाएगा।
ये दोनों निर्णय बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर बीएसएफ की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए लिए गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में बीएसएफ मुख्यालय के इन दो प्रस्तावों को “समग्र समीक्षा” के बाद मंजूरी दी है।
बीएसएफ के जवानों को दो चरणों में लगभग 5,000 बॉडी कैमरे भेजे जा रहे हैं। ये कैमरे नाइट विजन सक्षम हैं और लगभग 12-14 घंटे तक की वीडियो रिकॉर्डिंग करने में सक्षम हैं।
ये कैमरे अवैध बांग्लादेशियों की वापसी की प्रक्रिया या सीमा पार अपराधों जैसे ड्रग्स, मवेशियों, नकली भारतीय मुद्रा (FICN) की तस्करी और मानव तस्करी के मामलों में साक्ष्य रिकॉर्ड करने में मददगार होंगे।
साथ ही, जब बीएसएफ जवानों पर दोनों देशों के अपराधियों द्वारा हमले होते हैं, तो ये रिकॉर्डिंग सबूत के रूप में काम आएंगी।
बांग्लादेश और उसकी सीमा बल, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB), द्विपक्षीय बैठकों में यह आरोप लगाते रहे हैं कि उनके नागरिकों को भारतीय पक्ष द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग कर मारा जा रहा है, जबकि बीएसएफ का कहना है कि वे केवल आत्मरक्षा में, वह भी आखिरी विकल्प के रूप में, गोली चलाते हैं। अब इन घटनाओं की रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर पेश की जा सकेगी।
सूत्रों ने बताया कि कुछ चयनित और “संवेदनशील” सीमा चौकियों पर बायोमेट्रिक डेटा कैप्चरिंग मशीनें लगाई जा रही हैं, जो पकड़े गए अवैध बांग्लादेशियों के फिंगरप्रिंट और आई स्कैन का रिकॉर्ड रखेंगी। इस डेटा को FRO के साथ साझा कर एक सबूत-आधारित डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
पाहलगाम आतंकी हमले के बाद गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अपने क्षेत्र में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालने के निर्देश दिए हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 15 जुलाई तक बीएसएफ ने 1,372 बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में प्रवेश करते समय पकड़ा, जबकि 3,536 व्यक्तियों को या तो बीएसएफ ने पकड़ा या राज्य पुलिस बलों द्वारा भारतीय सीमा पार करते समय सौंपा गया।
पिछले वर्ष यह आंकड़ा 2,425 (घुसपैठ) और 1,049 (भारत से बाहर जाते हुए) था।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष सीमा पर बीएसएफ जवानों पर अपराधियों द्वारा हमले के 77 मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस वर्ष जून तक 35 ऐसी घटनाएं सामने आई हैं।
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