
नई दिल्ली, 27 जुलाई (पीटीआई) — बिहार की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण का एक महीने लंबा अभियान समाप्त हो गया है। निर्वाचन आयोग (EC) ने रविवार को कहा कि राज्य के 7.24 करोड़ यानी 91.69 प्रतिशत मतदाताओं से नामांकन फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। आयोग ने यह भी बताया कि 36 लाख लोग या तो अपने पुराने पते से स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं या पाए नहीं गए।
आयोग ने यह भी कहा कि सात लाख बिहार के मतदाता ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने खुद को कई स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज करवा रखा है।
SIR के पहले चरण में फॉर्म का वितरण और प्राप्त करना शामिल था, जो शुक्रवार (25 जुलाई) को समाप्त हुआ।
EC ने कहा कि बूथ स्तर के अधिकारियों को ऐसे मतदाता नहीं मिले या उनके फॉर्म वापस नहीं मिले क्योंकि या तो वे अन्य राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता बन चुके हैं, या अस्तित्व में नहीं पाए गए, या उन्होंने 25 जुलाई तक फॉर्म जमा नहीं किया।
एक अन्य कारण यह भी था कि वे किसी कारणवश खुद को मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं कराना चाहते थे।
चुनाव आयोग ने कहा कि इन फॉर्म की जांच के बाद 1 अगस्त तक इन मतदाताओं की सटीक स्थिति का पता चल सकेगा।
“हालांकि, वास्तविक मतदाताओं को 1 अगस्त से 1 सितंबर के बीच दावे और आपत्ति की अवधि के दौरान मतदाता सूची में फिर से जोड़ा जा सकता है। जिन मतदाताओं के नाम कई स्थानों पर दर्ज पाए जाएंगे, उन्हें केवल एक स्थान पर ही रखा जाएगा,” आयोग ने कहा। पीटीआई NAB RC
