
हरिद्वार, 27 जुलाई (पीटीआई): रविवार को हरिद्वार स्थित मां मनसा देवी मंदिर के पहाड़ी मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के दौरान मची भगदड़ में आठ लोगों की मौत हो गई और 30 घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि सीढ़ियों के शुरुआती हिस्से में करंट फैलने की अफवाह के कारण लोगों में दहशत फैल गई, जिससे भगदड़ मच गई। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने पीटीआई वीडियो से कहा कि इस अफवाह के चलते यह घटना हुई।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने हरिद्वार एडीएम की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि इस भगदड़ में आठ लोगों की मौत हुई और 30 घायल हुए हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। कुछ लोगों को मामूली चोटें आई थीं और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है, ऐसे लोगों को घायल सूची में शामिल नहीं किया गया है। यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई।
रविवार होने के कारण मंदिर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। मंदिर शिवालिक पहाड़ियों की चोटी पर लगभग 500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
घटना की वीडियो में मंदिर के संकरे प्रवेश द्वार पर और अस्पताल के बाहर भारी भीड़, महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी और अपने परिजनों की खबर लेने को व्याकुल लोग दिखाई दिए।
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को जांच सौंपी गई है और उन्हें 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है, जिसमें ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के सुझाव देने होंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “मंदिर में एक अफवाह के कारण भगदड़ मच गई… हमने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और जो लोग अफवाह फैलाने के जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” मुख्यमंत्री बाद में हरिद्वार के जिला अस्पताल पहुंचे और वहां घायल लोगों का हाल जाना।
उन्होंने परिजनों को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने इस घटना पर शोक जताया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर हिंदी में पोस्ट किया, “हरिद्वार में मां मनसा देवी मंदिर की ओर जाते हुए भगदड़ में अनेक श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं सभी शोक-संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। प्रार्थना है कि सभी घायल श्रद्धालु शीघ्र स्वस्थ हों।”
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, “जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावितों की मदद में जुटा है।”
देहरादून में आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि घायलों में से पांच को बेहतर इलाज के लिए ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रेफर किया गया है।
मृतकों की पहचान आरुष (12), विपिन सैनी (18), शाकल देव (18), विक्की (18), विशाल (19), वकील (43), शांति (60) और राम भरोसे (65) के रूप में हुई है। ये लोग उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार से थे।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता घायलों के तेजी से इलाज की है।
हरिद्वार एसएसपी डोबाल ने बताया कि सीढ़ियों से करीब 100 मीटर नीचे करंट फैलने की अफवाह फैली जिससे भगदड़ मची। हालांकि, उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच की जा रही है।
एक घायल श्रद्धालु, निर्मला ने अस्पताल में बताया कि ऊपर जा रहे और नीचे आ रहे लोगों की भीड़ एक संकरे रास्ते में फंस गई, जिससे भगदड़ मच गई। “मंदिर से लौट रहे लोगों ने ऊपर जा रहे लोगों को धक्का देना शुरू कर दिया और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। भीड़ के कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। मैं नीचे गिरी रही,” उन्होंने कहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने भारी भीड़ की संभावना को ध्यान में रखकर सावधानी बरती होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
वीडियो में दिखा कि मंदिर की ओर जाने वाले संकरे रास्ते पर पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ फंसी हुई थी। लोग अपने बच्चों को ऊपर उठाकर पकड़े हुए थे ताकि उन्हें कुचला न जाए।
मां मनसा देवी का मंदिर हरिद्वार के पांच तीर्थ स्थलों (पंच तीर्थ) में से एक है।
जिलाधिकारी दीक्षित ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि भगदड़ बिजली के करंट की अफवाह के कारण मची।
घटनास्थल के पास झाड़ियों और गड्ढों में छिपे किसी भी संभावित पीड़ित की तलाश के लिए बचाव कार्य जारी है।
शाह ने कहा कि भगदड़ से आधे घंटे पहले मार्ग को बंद कर दिया गया था, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई।
