नई दिल्ली, 28 जुलाई (PTI) — दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान और 10 अन्य के खिलाफ दिल्ली वक्फ बोर्ड की नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के मामले में आरोप तय किए हैं। विशेष न्यायाधीश डिग विनय सिंह ने खान और मोहबूब आलम (जो उस समय दिल्ली वक्फ बोर्ड के सीईओ थे) के खिलाफ आपराधिक साजिश और सरकारी सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार के आरोप लगाए हैं। कोर्ट ने अन्य नौ आरोपियों—हमीद अख्तर, किफायतुल्लाह खान, रफियुस्सान खान, इमरान अली, मोहम्मद अहरार, अक़िब जावेद, अज़हर खान, जाकिर खान और अब्दुल मनन के खिलाफ भी आपराधिक साजिश और कदाचार के आरोप लगाए हैं।
CBI ने 2016 में यह मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप है कि खान ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए भ्रष्ट और अवैध तरीके से महबूब आलम को बोर्ड का सीईओ नियुक्त किया था। इसके अतिरिक्त, खान पर अपने रिश्तेदारों और अन्य परिचितों को विभिन्न संविदात्मक या दैनिक वेतन पदों पर नियुक्त कराने का आरोप है, जो कि आपराधिक साजिश का हिस्सा था। ये नियुक्तियां कथित रूप से खान और आलम के पदों के दुरुपयोग से की गई थीं।
कोर्ट ने अपने 46 पेज के आदेश में कहा है, “जहां मजबूत संदेह होता है, वहां साजिश की बैठा कथित पार्टी सभी शामिल होती हैं जिसकी प्रारंभिक साक्ष्य से पुष्टि होती है।” कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपियों की कार्रवाइयों और चूक से स्पष्ट होता है कि उनके बीच अवैध नियुक्तियों को सुविधाजनक बनाने के लिए आपसी समझौता था।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ड) और 13(2) के तहत आरोप तय किए हैं। सभी आरोपियों ने आरोपों से इनकार किया है और अगली सुनवाई 21 अगस्त को निर्धारित की गई है।
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