नवादा (बिहार), 30 जुलाई (PTI) — ग्रामीण पटना के कुख्यात “डॉग बाबू” के बाद बिहार के निकटवर्ती जिले नवादा में भी एक कुत्ते ने निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है।
दिलचस्प बात यह है कि 2016 बैच के IAS अधिकारी और वर्तमान नवादा जिला मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश ने ही “डोगेश बाबू” मामले की पोल खोली थी।
प्रकाश ने अपने X हैंडल पर लिखा, “कॉपी कैट्स… या कहूं कॉपी डॉग्स ने सिरदाला, राजा ऊली से निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया… कार्रवाई में पकड़े गए। बेकार और पुरानी हरकत के लिए FIR दर्ज हो रही है…” उन्होंने आवेदन की स्क्रीनशॉट भी साझा की।
29 जुलाई के आवेदन में एक फर फैले हुए कुत्ते की तस्वीर है, जिसके माता पिता के रूप में “डोगेश के पापा” और “डोगेश की मम्मी” लिखे गए हैं।
नवादा, जो झारखंड से लगता है, साइबर धोखाधड़ी के लिए भी जाना जाता है और इसे बिहार का “जमताड़ा” भी कहते हैं।
यह बिहार में पिछले एक सप्ताह में तीसरी ऐसी घटना है, पहले मासौढ़ी के “डॉग बाबू” और पूर्वी चंपारण के “सोनालिका ट्रैक्टर” के नाम के आवेदनों के मामले सामने आए थे, जिनमें बाद वाले ने भोजपुरी अभिनेत्री की इंटरनेट फोटो का इस्तेमाल किया था।
सभी मामलों में आवेदकों के खिलाफ कार्रवाई हुई है और साइबर विशेषज्ञों की मदद से उनकी तलाश जारी है।
मासौढ़ी में दो अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई हुई थी, क्योंकि वहाँ कुत्ते के नाम पर जारी प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद प्रशासन ने उसे रद्द कर दिया।
बिहार राइट टू पब्लिक सर्विस एक्ट के तहत लोग ऑनलाइन निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो अधिकारी जांच के बाद जारी करते हैं।
चुनाव आयोग इस दस्तावेज को पहचान के लिए मानता है, जबकि सुप्रीम कोर्ट इस पर विचार कर रहा है कि आधार कार्ड व राशन कार्ड जैसे आम पहचान दस्तावेजों को भी स्वीकार किया जाए।
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