नई दिल्ली, 11 अगस्त (पीटीआई) – दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को CBI और सभी संबंधित पक्षों को लोकपाल के समक्ष दायर ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ मामले की रिपोर्ट पर गोपनीयता बनाए रखने का निर्देश दिया है। यह मामला तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा से जुड़ा है।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने यह निर्देश महुआ मोइत्रा की उस याचिका पर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जैसे ही CBI ने अपनी रिपोर्ट लोकपाल को सौंपी, मीडिया को इसकी जानकारी दे दी गई। अदालत ने कहा, “स्पष्ट कर दूं कि गोपनीयता बनाए रखी जानी चाहिए… इसमें कोई विवाद नहीं कि सभी संबंधित पक्ष गोपनीयता रखने के लिए बाध्य हैं।”
मoit्रा के वकील का कहना था कि वे किसी कंटेंट को हटाने का आदेश नहीं मांग रहे, लेकिन लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम तथा प्राधिकरण के परिपत्र के प्रावधानों का पालन होना चाहिए।
CBI ने पिछले महीने यह रिपोर्ट लोकपाल को सौंपी थी। आरोप है कि महुआ मोइत्रा ने दुबई के व्यापारी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत और अन्य लाभ लेकर उनके पक्ष में लोकसभा में प्रश्न पूछे, अपना लॉगिन साझा किया और इस प्रक्रिया में राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला। इस मामले में CBI ने 21 मार्च 2023 को Prevention of Corruption Act के तहत FIR दर्ज की थी।
महुआ मोइत्रा को दिसंबर 2023 में लोकसभा से “अनैतिक आचरण” के लिए निष्कासित कर दिया गया था, हालांकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी है। 2024 के आम चुनाव में उन्होंने फिर कृष्णानगर सीट पर जीत हासिल की।
यह मामला भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मोइत्रा ने कारोबारी लाभ के बदले गौतम अडानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले करने के लिए प्रश्न पूछे। लोकपाल अब CBI की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगा।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
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