नई दिल्ली, 12 अगस्त (पीटीआई) – दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार) जल्द ही पूरी तरह ड्राइवरलेस हो जाएगी, जिससे दिल्ली मेट्रो दुनिया के सबसे बड़े ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क में शामिल हो जाएगी। यह जानकारी एक डीएमआरसी (DMRC) अधिकारी ने दी।
फिलहाल दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन (जनकपुरी वेस्ट से बॉटैनिकल गार्डन) ने सफलतापूर्वक अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (UTO) को पूर्ण रूप से लागू कर लिया है। अधिकारी ने बताया, “अब मैजेंटा लाइन की पूरी ट्रेन फ्लीट UTO पर चल रही है।”
दिल्ली मेट्रो ने 2020 में ड्राइवरलेस ट्रेन ऑपरेशन की शुरुआत की थी, जिसे मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) की मंजूरी से चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है।
स्टेज 1 (मई 2024): कैब पार्टिशन दरवाजे हटाए गए और ड्राइविंग कंसोल को ढंका गया, लेकिन ऑपरेटर कैब में मौजूद रहे।
स्टेज 2 (अगस्त 2024): ऑपरेटर को ट्रेन में कहीं भी रहने की अनुमति दी गई।
स्टेज 3A (अगस्त 2024): ऑपरेटर की मौजूदगी हर वैकल्पिक ट्रेन में की गई।
स्टेज 3B (मई 2025): ऑपरेटर को पूरी तरह हटा दिया गया और लाइन पर पूर्ण ड्राइवरलेस ऑपरेशन शुरू हुआ।
पिंक लाइन पर UTO मार्च 2025 में शुरू हुआ था और जून 2025 में यह स्टेज 2 तक पहुंच गई। अगले 3-4 महीनों में इसके भी पूरी तरह ड्राइवरलेस होने की उम्मीद है।
दोनों लाइनों (मैजेंटा और पिंक) पर UTO लागू होने के बाद, दिल्ली मेट्रो में 97 किमी का पूरा ऑटोमेटेड नेटवर्क होगा, जो इसके कुल 395 किमी नेटवर्क का हिस्सा होगा।
अधिकारी ने बताया कि यह बदलाव शहरी परिवहन में बड़ी छलांग है, जिससे उच्च-आवृत्ति, समय की पाबंदी और सुरक्षित सेवाएं मिलेंगी, साथ ही मैनुअल हस्तक्षेप कम होगा। यह यात्रियों को बेहतर, विश्वसनीय और निर्बाध यात्रा अनुभव देगा।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
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