नई दिल्ली/लखनऊ, 13 अगस्त (पीटीआई) – प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश स्थित एक रियल एस्टेट समूह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत छापेमारी की। आरोप है कि इस समूह ने निवेशकों को करीब ₹248 करोड़ का चूना लगाया।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रोहतास प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खिलाफ इस कार्रवाई में लखनऊ में कम से कम 8 स्थानों और दिल्ली में 2 स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। छापेमारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला 2021 से अब तक घर और वाणिज्यिक संपत्तियों के खरीदारों द्वारा दर्ज 87 एफआईआर पर आधारित है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि उन्हें ठगा गया और उनकी संपत्तियां नहीं सौंपी गईं।
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) द्वारा कराए गए फोरेंसिक ऑडिट के मुताबिक, इस मामले में अपराध से अर्जित आय (“प्रोसीड्स ऑफ क्राइम”) ₹248 करोड़ है।
सूत्रों ने बताया कि छापेमारी का उद्देश्य सबूत और प्रमोटरों की संपत्तियों का पता लगाना है, ताकि उनकी कुर्की की जा सके, क्योंकि वे पिछले चार वर्षों से फरार हैं।
कंपनी के प्रमोटर पियूष रस्तोगी, परेश रस्तोगी और दीपक रस्तोगी के रूप में पहचाने गए हैं।
प्रमोटरों या उनके कानूनी प्रतिनिधियों से इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
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