नई दिल्ली, 13 अगस्त (पीटीआई) – दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) की सांसद स्वाती मालीवाल को 14 वर्षीय बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर करने के आरोप से बरी कर दिया है। यह पीड़िता अपनी गंभीर चोटों के कारण मृत्यु को प्राप्त हुई थी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने मालीवाल को बरी किया। विस्तृत आदेश फिलहाल प्रतीक्षारत है।
दिल्ली पुलिस ने 2016 में मालीवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जब वह दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष थीं। पुलिस का कहना था कि उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के उस प्रावधान का उल्लंघन किया है, जो नाबालिग यौन शोषण पीड़िता की पहचान की रक्षा करता है।
यह नाबालिग लड़की 23 जुलाई 2016 को अस्पताल में दम तोड़ गई थी। आरोप है कि उसके पड़ोसी ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और उसके गले में जबरन तेज़ाबी पदार्थ डाल दिया, जिससे उसके आंतरिक अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
पुलिस के अनुसार, मालीवाल ने इस मामले की जांच की जानकारी मांगते हुए इलाके के डीसीपी को एक नोटिस भेजा था, जिसे उन्होंने मीडिया को उपलब्ध कराया। उक्त नोटिस में पीड़िता का नाम भी दर्ज था।
एफआईआर में आरोप है कि यह नोटिस जानबूझकर विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुप्स में प्रसारित किया गया और टीवी चैनलों पर दिखाया गया।
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