मथुरा के बांके बिहारी मंदिर के लिए ट्रस्ट बनाने का विधेयक यूपी विधानसभा में पेश

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image via UP CMO, Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath speaks during the first day of the state Assembly's Monsoon session, in Lucknow, Monday, Aug. 11, 2025. (UP CMO via PTI Photo)(PTI08_11_2025_000263B)

लखनऊ, 13 अगस्त (पीटीआई) उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को मानसून सत्र के तीसरे दिन श्री बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट विधेयक, 2025 सहित तीन विधेयक पेश किए गए।

श्री बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट विधेयक में सरकार द्वारा नियुक्त न्यासियों के एक बोर्ड के गठन का प्रावधान है, जिसमें 11 नामित और सात पदेन सदस्य होंगे।

नामित सदस्यों में वैष्णव परंपराओं, संप्रदायों या पीठों से संबंधित तीन प्रतिष्ठित व्यक्ति, सनातन धर्म की अन्य परंपराओं, संप्रदायों और पीठों से जुड़े तीन प्रतिष्ठित व्यक्ति (जिनमें साधु, गुरु, विद्वान, महंत, आचार्य आदि शामिल हो सकते हैं) तथा सनातन धर्म की किसी भी शाखा या संप्रदाय से जुड़े तीन व्यक्ति शामिल होंगे, जो शिक्षा, विद्या, उद्यमिता, समाज सेवा आदि किसी भी क्षेत्र से हो सकते हैं। मंदिर की सेवायत गोस्वामी परंपरा से दो सदस्य नामित होंगे, जो स्वामी श्री हरिदास जी के वंशज होंगे।

विधेयक में पदेन सदस्यों का भी प्रावधान है, जिसमें मथुरा के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य सरकार के चैरिटेबल विभाग के एक अधिकारी, श्री बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सरकार द्वारा नियुक्त कोई अन्य सदस्य शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रस्तावित विधेयक के उद्देश्यों और कारणों को उजागर करते हुए संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मथुरा जिले के वृंदावन नगर में स्थित बांके बिहारी मंदिर प्राचीन और विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस मंदिर में आते हैं, जो लगभग 870 वर्ग मीटर में फैला है, जिसमें लगभग 365 वर्ग मीटर का एक सुंदर आंगन शामिल है।

सदन को बताया गया कि मंदिर तक जाने वाले बेहद संकरे मार्ग के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी असुविधा होती है। 20 अगस्त 2022 को मंदिर में अत्यधिक भीड़ के कारण दो श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई थी और भीड़ प्रबंधन की तत्काल आवश्यकता है।

इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि “श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास” नामक एक ट्रस्ट का गठन किया जाएगा, जो मंदिर के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ तीर्थ, धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और स्थापना संबंधी पहलुओं का ध्यान रखेगा।

यह स्पष्ट किया गया कि राज्य विधानसभा सत्र में नहीं थी और इस कार्य के लिए तत्काल विधायी कार्रवाई आवश्यक थी, इसलिए 26 मई को राज्यपाल द्वारा उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास, 2025 (उत्तर प्रदेश अध्यादेश संख्या 3, 2025) जारी किया गया। यह विधेयक उस अध्यादेश को प्रतिस्थापित करने के लिए पेश किया गया है।

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2025 और उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग (कार्यविधि का विनियमन) (संशोधन) विधेयक, 2025 भी सदन में पेश किए गए। पीटीआई एआर सीडीएन आरसी

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