नई दिल्ली, 14 अगस्त (पीटीआई) – सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के केदारनाथ में हाल ही में हुए हेलिकॉप्टर हादसों को लेकर दायर याचिका पर गुरुवार को केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और उत्तराखंड सरकार समेत कई पक्षों से जवाब मांगा।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि चिंता विशेष रूप से केदारनाथ मार्ग पर बार-बार हो रहे हेलिकॉप्टर हादसों को लेकर है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की है।
15 जून को केदारनाथ से लौट रहे एक निजी कंपनी के हेलिकॉप्टर का गुप्तकाशी के पास स्थित गौरीकुंड जंगलों में खराब दृश्यता के बीच क्रैश हो गया था, जिसमें सवार सातों लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में एक दो वर्षीय बच्चा और पायलट भी शामिल थे। यह 30 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा के दौरान हुआ पांचवां हेलिकॉप्टर हादसा था।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हादसे के बाद उस निजी कंपनी के चारधाम यात्रा के लिए संचालन पर रोक लगाई और DGCA को निर्देश दिया कि केदारनाथ घाटी में सभी हेलिकॉप्टर गतिविधियों की सक्रिय निगरानी के लिए एयरवर्दिनेस, सुरक्षा और संचालन विभाग के अधिकारियों को तैनात किया जाए।
7 जून को केदारनाथ जा रहे एक हेलिकॉप्टर को टेकऑफ़ के तुरंत बाद तकनीकी खराबी के कारण सड़क पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी। इसमें पायलट घायल हुआ, लेकिन सभी पांच यात्री सुरक्षित रहे।
12 मई को बद्रीनाथ से सरसी लौट रहे हेलिकॉप्टर को खराब दृश्यता के कारण उखीमठ के एक स्कूल के मैदान में लैंड करना पड़ा। सभी यात्री सुरक्षित रहे।
8 मई को गंगोत्री धाम जा रहा एक हेलिकॉप्टर उत्तरकाशी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
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