
मथुरा/वाराणसी (उ.प्र.), 16 अगस्त (भाषा):
शनिवार को जन्माष्टमी के अवसर पर दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु मथुरा पहुंचे। तीर्थयात्री सुबह-सुबह से ही भगवान कृष्ण के जन्मस्थान पर दर्शन के लिए कतारों में खड़े थे।
ब्रज क्षेत्र में जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई, लेकिन मुख्य समारोह यहां भागवत भवन परिसर के राधा-कृष्ण मंदिर में आयोजित हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। ‘ठाकुर’ (भगवान) के दर्शन के लिए शुक्रवार देर रात से ही मंदिर के उत्तरी द्वार पर कतारें लग गई थीं।
रात देर तक भक्तों की भीड़ उत्साहपूर्वक डटी रही, जब तक उत्सव अपने चरम पर नहीं पहुंचा।
मथुरा नगर और नगरपालिका प्रशासन ने पूरे शहर को पर्व के अनुरूप सजा दिया था। सड़कों और चौराहों को विशेष सजावट से संवार दिया गया, और जगह-जगह ‘कृष्ण लीला’ के दृश्य सेल्फी प्वाइंट के रूप में लगाए गए।
देशभर से आए लोक कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें अवध, बुंदेलखंड, राजस्थानी और हरियाणवी परंपराओं की झलक देखने को मिली।
श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह भोजन, पानी और शरबत की व्यवस्था मुफ्त में की गई।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शहर और मंदिर परिसर को चार जोन और 18 सेक्टरों में बांटा गया, तथा हर जगह भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
वाराणसी में भी जन्माष्टमी विशेष अनुष्ठानों के साथ मनाई गई।
काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के अनुसार, यहां से श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मथुरा के लिए वस्त्र और उपहार भेजे गए।
वृंदावन का इस्कॉन मंदिर दो दिनों तक जन्माष्टमी महोत्सव मना रहा है।
भाषा कोर सीडीएन एआरआई
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