मथुरा-वृंदावन मंदिरों में नंदोत्सव ने भगवान कृष्ण के जन्म को चिह्नित किया

Vrindavan: People offer prayers at the Bankey Bihari Temple, in Vrindavan, Mathura district, Uttar Pradesh, Friday, Aug. 8, 2025. (PTI Photo) (PTI08_08_2025_000390B)

मथुरा (उप्र), 17 अगस्त (पीटीआई) मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में रविवार को नंदोत्सव की धूम रही। यह पर्व जन्माष्टमी के एक दिन बाद भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी के रूप में मनाया जाता है। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के पुजारी ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामी ने कहा कि ब्रजभूमि में भक्ति का मूल आधार आनंद की अभिव्यक्ति है।

उन्होंने बताया, “दही और हल्दी का मिश्रण शिशु कृष्ण की शरारत का प्रतीक है। ‘दधिकांधा’ नामक इस अनुष्ठान में यह मिश्रण भक्तों पर खेल-खेल में डाला जाता है।”

उत्सव के दौरान खिलौने, कपड़े, आभूषण और पैसे गर्भगृह से भक्तों पर प्रसाद के रूप में फेंके गए। यह परंपरा नंद बाबा की भगवान कृष्ण के जन्म पर प्रसन्नता को स्मरण करती है। दिन की शुरुआत बांके बिहारी मंदिर में ‘मंगल आरती’ और ‘महा अभिषेक’ से हुई।

मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भागवत भवन को नंद भवन की तरह सजाया गया, जहां ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे और भजन गूंजे।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि भक्तों में खिलौने, कपड़े, मिठाइयाँ और बर्तन प्रसाद के रूप में वितरित किए गए।

वृंदावन के सप्त देवालय में भी इसी प्रकार की रस्में हुईं।

राधा रमण मंदिर में पुजारी दिनेश चंद्र गोस्वामी ने कहा कि भक्तों पर दही और हल्दी की वर्षा की गई, जिसके बाद खिलौने और मिठाइयाँ बांटी गईं।

द्वारकाधीश मंदिर में भगवान को नंद बाबा और मां यशोदा के रूप में सजाया गया।

मंदिर के मीडिया एवं विधिक सलाहकार राकेश तिवारी ने कहा, “यह उत्सव कृष्ण के माता-पिता की प्रसन्नता को दर्शाता है। इसी खुशी को भक्तों के साथ बांटने के लिए वस्तुएँ वितरित की जाती हैं।”

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