नई दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को दिसंबर 2023 की घटना से जुड़े मामले में दायर जमानत याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा।
न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने आरोपी ललित झा की जमानत याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई की अगली तारीख 8 अक्टूबर तय की।
झा ने निचली अदालत के 28 अप्रैल के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 15 दिसंबर 2023 को आत्मसमर्पण किया था और तब से अब तक करीब 1.8 वर्ष से हिरासत में हैं।
याचिका में कहा गया है,
“मामला इस समय आरोप तय करने और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 207 के अनुपालन के चरण में है। यह उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपपत्र में 133 गवाह हैं, किंतु एक भी सांसद को गवाह सूची में शामिल नहीं किया गया है।”
झा ने आगे तर्क दिया कि किसी सदस्य को कोई नुकसान, चोट या संपत्ति का हानि नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि निचली अदालत ने जमानत अर्जी खारिज करते समय “सही तथ्यों और परिस्थितियों” पर विचार नहीं किया।
गौरतलब है कि 2001 संसद हमले की बरसी पर हुए बड़े सुरक्षा उल्लंघन में आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी ने शून्यकाल के दौरान लोकसभा कक्ष में दर्शक दीर्घा से छलांग लगाई थी और गैस के पीले रंग के कनस्तर छोड़कर नारेबाजी की थी। इन्हें कुछ सांसदों ने काबू किया था।
इसी दौरान, अन्य आरोपी अमोल शिंदे और नीलम आज़ाद ने संसद भवन परिसर के बाहर गैस के रंगीन कनस्तर छिड़के और नारे लगाए – “तानाशाही नहीं चलेगी”।
उच्च न्यायालय ने जुलाई में सह-आरोपी नीलम आज़ाद और महेश कुमावत को जमानत दे दी थी।
निचली अदालत ने नोट किया था कि सभी आरोपी – आज़ाद, मनोरंजन डी, शर्मा, अमोल धनराज शिंदे, झा और कुमावत – पहले से ही इस धमकी के बारे में जानते थे जो नामित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 13 दिसंबर 2023 को संसद को निशाना बनाने के लिए दी थी।
जहां चार आरोपियों को मौके से पकड़ा गया था, वहीं झा और कुमावत को बाद में गिरफ्तार किया गया।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि झा ने “आस्था रखी, समर्थन किया, योगदान दिया और भाग लिया” तथा व्यक्तिगत प्रसिद्धि, धन और पहचान की जरूरत से प्रेरित होकर इस अपराध में शामिल हुआ।
अभियोजन ने झा को षड्यंत्रकारी बताते हुए कहा कि उसने संसद भवन के गेट नंबर 2 और 3 के बाहर एक वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मीडिया में प्रसारित करने के लिए बनाया।
भाषा एसकेवी एसकेवी एएमके एएमके
श्रेणी: ताज़ा खबर
एसईओ टैग्स: #स्वदेशी, #समाचार, संसद सुरक्षा उल्लंघन मामला: दिल्ली HC ने पुलिस से जमानत याचिका पर जवाब मांगा

