नई दिल्ली, 19 अगस्त (पीटीआई): विदेश मंत्री एस. जयशंकर मंगलवार को मॉस्को के तीन दिवसीय दौरे पर रवाना हुए, जिसका उद्देश्य भारत-रूस की “समय-परीक्षित” साझेदारी को और मजबूत करना है।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर शुल्क दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया है और साथ ही रूसी कच्चा तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क भी लगाया है, जिससे भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव पैदा हुआ है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने जयशंकर की यात्रा की घोषणा करते हुए बताया कि वे बुधवार को होने वाले भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 26वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस आयोग में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
जयशंकर और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से ट्रंप प्रशासन की हालिया पहल पर भी चर्चा होने की संभावना है, जिसका उद्देश्य यूक्रेन में शांति स्थापित करना है।
दौरे के दौरान विदेश मंत्री द्विपक्षीय एजेंडे की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर रूसी विदेश मंत्री के साथ विचार-विमर्श करेंगे, विदेश मंत्रालय ने अपने संक्षिप्त बयान में कहा।
“इस दौरे का उद्देश्य भारत-रूस की पुरानी और समय-परीक्षित विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और सशक्त बनाना है,” बयान में कहा गया।
– पीटीआई एमपीबी डीवी डीवी
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