नई दिल्ली, 20 अगस्त (PTI) – केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि मजबूत अनुसंधान परिषदों, वैधानिक निकायों और राष्ट्रीय संस्थानों के नेटवर्क के चलते आयुष क्षेत्र लगातार 200 बिलियन डॉलर के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
मंगलवार को यहां आयोजित संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में जाधव ने बताया कि 2014 में स्वतंत्र मंत्रालय बनने के बाद पहली बार आयुष मंत्रालय के लिए एक समर्पित संसदीय सलाहकार समिति गठित की गई है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण कदम आयुष से जुड़े विषयों पर केंद्रित चर्चा और नीति दिशा को मजबूत करेगा।
जाधव ने कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आयुष ने अनुसंधान परिषदों, वैधानिक संस्थाओं और राष्ट्रीय संस्थानों के मजबूत नेटवर्क के साथ तेज़ी से प्रगति की है।” उन्होंने बताया कि ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ और ‘राष्ट्रीय आयुष मिशन’ के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएँ लाखों लोगों तक पहुंच रही हैं, जबकि उद्योग 200 बिलियन डॉलर के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
वैश्विक पहुंच और नवाचार पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि 2025 के ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ को “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” थीम के साथ 3 लाख से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी ने एक नया मील का पत्थर बनाया। यह एकता और स्वास्थ्य का वैश्विक प्रतीक है। इसके अलावा प्रकृति परीक्षण व मोरिंगा-आधारित आयुष आहार आधुनिक अनुसंधान, निवारक स्वास्थ्य और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं।
बैठक में सांसद पुरुषोत्तम रूपाला ने आयुष मंत्रालय को जनजागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाने की सलाह दी। सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कोविड-19 महामारी के दौरान आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया और नए आयुष वेलनेस सेंटर्स की स्थापना का सुझाव दिया।
सांसद डॉ. स्वामी सचिदानंद हरि साक्षी ने समिति के सभी सदस्यों द्वारा आयुष के विस्तार और बढ़ावे को लेकर एकता व्यक्त की। सांसद कृष्ण प्रसाद ने कहा कि विकसित भारत (विकसित भारत) की कल्पना तभी साकार होगी जब आयुष निरंतर बढ़ता और विस्तार करता रहेगा।
छत्तीसगढ़ की कोरबा जनजातियों की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के दस्तावेजीकरण और इन्हें आयुष प्रणाली में समाहित करने का सुझाव भी दिया गया।
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