नई दिल्ली, 20 अगस्त (PTI) – बुधवार को राज्यसभा की प्री-लंच सत्र की कार्यवाही विपक्ष के सदस्यों द्वारा बिहार में विशेष गहन संशोधन (SIR) में कथित अनियमितताओं पर चर्चा की मांग के कारण बाधित होने पर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्ष के सदस्य सदन में हंगामा करते हुए नारेबाजी करने लगे, जिससे कोई भी कार्यवाही नहीं हो सकी। दोपहर 12 बजे सदन पुनः बुलाई गई, और घनश्याम तिवारी की अध्यक्षता में प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया गया।
कांग्रेस उपनेता रमोध तिवारी ने SIR और कथित “मत चोरी” का मुद्दा उठाने की कोशिश की, लेकिन इसे अध्यक्ष द्वारा खारिज कर दिया गया। इस पर विपक्षी सदस्यों ने ज्यादा आवाज़ में नारे लगाकर विरोध जारी रखा।
अंत में अध्यक्ष ने सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया।
सुबह 11 बजे सदन खुलते ही विधायिका में पेश किए गए आधिकारिक कागजात पर विपक्ष ने विरोध जताना शुरू किया। उपसभापति हरिवंश ने बताया कि नियम 267 के तहत 18 नोटिस मिले थे, जो लिस्टेड व्यवसाय को निलंबित कर उसमें उठाए गए मामलों पर चर्चा की अनुमति देते हैं।
हालांकि, उन्होंने कहा कि इन नोटिसों में से कोई भी निर्धारित नियमों का पालन नहीं करता था, इसलिए उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। उपसभापति ने सदस्यों से निवेदन किया कि वे शून्य काल और प्रश्नकाल उठाएं, लेकिन सांसदों ने विरोध जारी रख दिया, जिससे एक बार फिर कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज
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